धान से फुल धनीपुर मंडी, दो दिन रहेगी बंद:अलीगढ़ की मंडी में दो लाख क्विंटल से ज्यादा धान का स्टॉक, अंदर तुलाई-बिक्री और बाहर ट्रैक्टरों की कतार; जाम के हालात
धान की बंपर आवक ने जिले की मंडियों में व्यवस्थाएं बिगाड़ दी हैं। जिला मुख्यालय की धनीपुर मंडी में जगह पूरी तरह भर जाने से ट्रकों की लोडिंग तक प्रभावित हो रही है। मंडी परिसर और फड़ों पर धान का ढेर लगा है, जबकि बाहर धान से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हैं। हालात को देखते हुए धनीपुर मंडी में 8 और 9 अक्टूबर को नया धान नहीं लिया जाएगा। इन दो दिनों में मंडी के अंदर पहले से पड़े धान की तुलाई और बिक्री कर उसे बाहर भेजने पर जोर रहेगा। 10 अक्टूबर से मंडी में कारोबार पूर्ववत शुरू होगा।
मंडी में बुधवार को भी दिनभर तुलाई-बिक्री का काम चलता रहा, लेकिन बाहर ट्रैक्टरों की कतार कम नहीं हुई। अनुमान के मुताबिक मंडी परिसर में दो लाख क्विंटल से अधिक धान जमा है। जगह की कमी के कारण बिक्री के बाद माल ले जाने वाले ट्रक भी आसानी से अंदर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे मंडी के अंदर माल का दबाव और बढ़ रहा है।
अंदर माल का दबाव, बाहर वाहनों की कतार
धान लेकर पहुंच रहे किसानों के ट्रैक्टर मंडी के बाहर सड़कों पर कतार में खड़े हैं। वाहनों की संख्या ज्यादा होने से कई जगह जाम जैसे हालात भी बन रहे हैं। दूसरी ओर मंडी के अंदर फड़ों पर जगह नहीं बची है। ऐसे में नया माल लगातार लेने के बजाय पहले पुराने स्टॉक को निकालने का फैसला किया गया है।
मंडी से जुड़े आढ़तियों, मजदूरों और मंडी प्रशासन के बीच हुई बैठक में दो दिन मंडी में नए माल की आवक रोकने पर सहमति बनी। इस दौरान अंदर मौजूद धान की तुलाई, बिक्री और परिवहन पर फोकस रहेगा। माल निकलने के बाद ही नई आवक सामान्य रूप से शुरू की जाएगी।
छर्रा और खैर मंडी में भी दबाव
जिले की प्रमुख मंडियों में धान की आवक का दबाव बना हुआ है। छर्रा मंडी में पहले से ही नई आवक रोकी गई है। वहां अंदर मौजूद माल की तुलाई और बिक्री के बाद ही नया धान लेने की व्यवस्था है। खैर मंडी में भी यही स्थिति बनी हुई है। लगातार आवक के कारण मंडियों में ट्रैक्टरों की संख्या बढ़ती जा रही है।
गीले धान ने बढ़ाई ट्रांसपोर्टरों की परेशानी
धान इस समय काफी मात्रा में नमी के साथ मंडियों में पहुंच रहा है। मंडी से मिलों तक माल पहुंचने के दौरान नमी कम होने से वजन में अंतर आता है। ट्रांसपोर्टरों के सामने माल की ढुलाई और समय पर निकासी की समस्या के साथ वजन के अंतर का दबाव भी है। मंडी में ट्रकों की आवाजाही प्रभावित होने से यह परेशानी और बढ़ गई है।
मंडी समिति के सचिव मुकेश त्रिपाठी ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 7 अक्टूबर की रात धान की अधिक आवक के कारण मंडी परिसर पूरी तरह भर गया। ट्रकों की लोडिंग प्रभावित होने और किसानों-व्यापारियों की सुविधा को देखते हुए 8 और 9 अक्टूबर को मंडी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से अपील की है कि इन दोनों दिनों में धान लेकर धनीपुर मंडी न आएं। 10 अक्टूबर से मंडी में कारोबार और अन्य गतिविधियां पूर्ववत संचालित होंगी।
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