धरने की जगह पर वाहन खड़े करने से आशाएं भड़कीं:सीएमओ कार्यालय के गेट पर बैठीं, 21 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा मांगा
फर्रुखाबाद में आशा संगिनियों ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के एंट्री गेट पर सुबह 11 बजे धरना दिया। आशाओं का आरोप है कि गुरुवार को उन्होंने जिस जगह धरना दिया था, वहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने वाहन खड़े कर दिए। वाहन हटाने को कहने पर भी नहीं हटाए गए, जिसके कारण उन्हें गेट पर बैठना पड़ा। धरना शाम 4 बजे तक चला। आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा और संगिनियों ने नारेबाजी भी की। उनकी मुख्य मांगों में आशाओं के लिए 21,000 रुपये और संगिनियों के लिए 26,000 रुपये मासिक मानदेय शामिल है। वे राज्य कर्मचारी का दर्जा, परिवार को कैशलेस सुविधा, संगिनियों को भ्रमण के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी, मोबाइल और बीमा की भी मांग कर रही हैं। आशा संगिनी की जिला अध्यक्ष शिप्रा सक्सेना ने बताया कि 2006 से मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि महंगाई बढ़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन ने उन पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी है। आशाओं का कहना है कि जब तक उनकी जगह खाली नहीं की जाएगी, वे गेट पर ही धरना देती रहेंगी। उपाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस आई थी उन्होंने कहा यहां से है जो नहीं तो मुकदमा दर्ज कर देंगे। बोली मुकदमा कर देंगे क्यों कर देंगे किस बात को लेकर कर देंगे। हम लोग यहां किसी प्रकार का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं, बदतमीजी नहीं दे रहे हैं, किस बात का हमारे ऊपर मुकदमा दर्ज होगा। हम लोग किसी के कार्य में बाधा भी नहीं बन रहे हैं। हम लोग तो अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। आशा विमलेश ने कहा कि सुबह जब हम लोग आए थे। यहां जिस स्थान पर कल धरना दिया था। वहां वाहन खड़े मिले ऐसे में यहां आकर बैठ गए। पुलिस आई धमकी दे रही थी, मुकदमा दर्ज कर देंगे, किस बात का मेरे ऊपर मुकदमा दर्ज होगा। यह तो बताएं हम अपनी हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो मुकदमा दर्ज होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में वहां आशा संगिनी मौजूद रही।
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