दिव्या-मित्तल के प्रस्तावित स्कूल की जमीन पर वन-विभाग का दावा:मिर्जापुर में निर्माण का काम बंद, मंगलवार को हुई थी नापजोख

Oct 07, 2026 - 21:03
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दिव्या-मित्तल के प्रस्तावित स्कूल की जमीन पर वन-विभाग का दावा:मिर्जापुर में निर्माण का काम बंद, मंगलवार को हुई थी नापजोख
मिर्जापुर में पूर्व IAS दिव्या मित्तल की परमिशन से बन रहे स्कूल के निर्माण पर विवाद खड़ा हो गया है। वन विभाग ने इस जमीन पर दावा करते हुए काम रुकवा दिया। मंगलवार को अधूरी नापजोख के बाद बुधवार को टीम के मौके पर पहुंचकर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन कोई टीम नहीं पहुंची। इसके चलते विद्यालय निर्माण की प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है। लहुरियादह गांव में बन रहे स्कूल का काम रोके जाने से गांववाले नाराज हैं। मामला लालगंज तहसील क्षेत्र के लहुरियादह गांव का है। डीएफओ ने जमीन को बताया वन विभाग की डीएफओ राकेश कुमार ने प्रस्तावित स्थल को प्रथमदृष्टया वन विभाग की जमीन बताया है। उन्होंने कहा कि जमीन को आरक्षित वन बनाने का निर्णय लिया जा चुका है। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 4 के तहत राजपत्र में अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। डीएफओ के मुताबिक, मंगलवार को तहसीलदार और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ जमीन की नापजोख की गई थी। मामले की जांच जारी है। रिपोर्ट आने के बाद जमीन की स्थिति स्पष्ट होगी। नाले के तकनीकी पहलू की भी होगी जांच प्रस्तावित विद्यालय के पास से एक नाला गुजरता है। डीएफओ ने बताया कि पानी के बहाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर तकनीकी सलाह ली जा सकती है। निर्माण स्थल को लेकर इस पहलू की भी जांच की जाएगी। ग्रामीण बोले- राजस्व विभाग की प्रक्रिया के बाद मिली थी मंजूरी ग्रामीणों के मुताबिक, विद्यालय के लिए पहले रिफाइनरी के पास करीब 200 मीटर दूर जमीन प्रस्तावित की गई थी। बाद में तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद नाले के पास दूसरी जमीन की नापजोख की गई। ग्रामीणों का दावा है कि लेखपाल और तहसीलदार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसी स्थल को विद्यालय निर्माण के लिए स्वीकृति मिली और निर्माण के लिए धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई। जांच रिपोर्ट के बाद तय होगा स्थल अब वन विभाग की ओर से जमीन पर दावा किए जाने के बाद विद्यालय निर्माण को लेकर स्थिति असमंजस में है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि जमीन वन विभाग की थी तो राजस्व विभाग की प्रक्रिया के बाद इसे विद्यालय के लिए कैसे स्वीकृति मिली। फिलहाल मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि विद्यालय का निर्माण इसी स्थल पर होगा या किसी दूसरे स्थान का चयन किया जाएगा। दिव्या मित्तल ने एक महीने पहले दिया था इस्तीफा यूपी की चर्चित IAS रही दिव्या मित्तल ने 1 महीने पहले नौकरी से इस्तीफा दिया था। वह लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव थीं। दिव्या ने मुख्य सचिव एसपी गोयल को इस्तीफा भेजा था। उन्होंने फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी थी। सरकार ने 14 सितंबर को दिव्या मित्तल का इस्तीफा स्वीकार किया था। दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर को स्कूल के उच्चीकरण के लिए स्वीकृति मिलने के 3 साल बाद भी काम शुरू नहीं होने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि एक गरीब महिला ने उनसे अपने गांव में (जो केवल 5वीं कक्षा तक था) आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल मांगा था। मैंने नियम देखकर स्कूल स्वीकृत भी कर दिया था। लेकिन, प्रशासनिक कमियों के चलते 3 साल बीत जाने के बाद भी स्कूल बनना शुरू नहीं हो सका। इसी व्यवस्था से दुखी होकर मैंने नौकरी छोड़ी और जनता की आवाज बनने का फैसला किया। वीडियो सामने आने के अगले दिन ही लहुरियादह में स्कूल के उच्चीकरण की प्रक्रिया में तेजी आई। जमीन की नाप-जोख शुरू कर दी गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विद्यालय के निर्माण के लिए पहले ही स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। जमीन के सीमांकन के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया था। -------------------- ये भी पढ़ें… अमिताभ ने प्रतापगढ़ के लोगों से माफी मांगी: लाइब्रेरी का 2006 में उद्घाटन, किताबें अब तक नहीं; लोग बोले- उन्हें KBC में ही गांव याद आता है यूपी के प्रतापगढ़ में हरिवंश राय बच्चन के नाम पर बनी लाइब्रेरी में उद्घाटन के 20 साल बाद भी किताबें नहीं हैं। जया बच्चन ने 2006 में इस लाइब्रेरी बिल्डिंग का लोकार्पण किया था। उन्होंने बेटे-बहू और पति अमिताभ बच्चन के साथ गांव आने का वादा भी किया था, लेकिन यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मंच पर अमिताभ बच्चन ने इस बात को लेकर माफी मांगी। कहा- आप लोग घबराइए नहीं, जल्द ही लाइब्रेरी शुरू होगी। पढ़ें पूरी खबर…

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