दलित किशोरी के अपहरण-दुष्कर्म के मुख्य आरोपी को जमानत:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दूसरी अर्जी मंजूर की, किशोरी को राजस्थान में बेचने का आरोप है

Oct 15, 2026 - 17:47
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दलित किशोरी के अपहरण-दुष्कर्म के मुख्य आरोपी को जमानत:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दूसरी अर्जी मंजूर की, किशोरी को राजस्थान में बेचने का आरोप है
सोनभद्र में 16 वर्षीय दलित किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और उसे राजस्थान में बेचने के आरोप के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी संदीप कुमार जायसवाल की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। आरोपी 22 दिसंबर 2024 से जेल में बंद है। इससे पहले 26 मार्च 2026 को उसकी पहली जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। 28 नवंबर की रात घर से लापता हुई थी किशोरी अभियोजन पक्ष के अनुसार, पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 10 दिसंबर 2024 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी 28 नवंबर 2024 की रात करीब 10 बजे घर से लापता हो गई थी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के सिल्थम पटना निवासी संदीप कुमार जायसवाल समेत छह आरोपियों के नाम सामने आए। विवेचक ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए सभी छह आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। टेंट लगाने के दौरान हुई थी पहचान पीड़िता के बयान के मुताबिक, मुख्य आरोपी टेंट लगाने का काम करता था। गांव में टेंट लगाने के दौरान दोनों का परिचय हुआ था। इसके बाद उनके बीच मोबाइल फोन पर बातचीत होने लगी। आरोप है कि 28 नवंबर की रात संदीप ने फोन कर किशोरी को घर से बाहर बुलाया और जबरन गाड़ी में बैठाकर सलखन ले गया। वहां एक रात रुकने के दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद किशोरी को एक महिला के घर ले जाने और फिर संदीप व उक्त महिला द्वारा वाराणसी के रास्ते राजस्थान ले जाकर बेचने का आरोप है। बचाव पक्ष ने धीमी सुनवाई का दिया हवाला दूसरी जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ओमप्रकाश पाल ने दलील दी कि मुकदमे की सुनवाई धीमी गति से चल रही है और अब तक केवल चार गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं। उन्होंने आरोपी का आपराधिक इतिहास नहीं होने और लंबे समय से जेल में बंद रहने का भी हवाला दिया। बचाव पक्ष ने अदालत को आश्वासन दिया कि आरोपी विचारण में सहयोग करेगा और जमानत मिलने पर इसका दुरुपयोग नहीं करेगा। हाईकोर्ट ने मंजूर की दूसरी जमानत अर्जी बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने संदीप कुमार जायसवाल की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। जमानत मंजूर होने का अर्थ आरोपों से दोषमुक्त होना नहीं है। मामले में आगे की सुनवाई जारी रहेगी।

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