दंपती की मौत के 15 दिन बाद भी गुत्थी अनसुलझी:बिजनौर में पति के कपड़े गायब, 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, डॉग स्क्वॉड से भी सर्च कराया

Sep 30, 2026 - 15:17
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दंपती की मौत के 15 दिन बाद भी गुत्थी अनसुलझी:बिजनौर में पति के कपड़े गायब, 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, डॉग स्क्वॉड से भी सर्च कराया
बिजनौर के जलालपुर काजी में देशराज उर्फ छोटे और उनकी पत्नी सुषमा की मौत के 15 दिन बाद भी घटना की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस हत्या, आत्महत्या समेत हर पहलू पर जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल देशराज के कपड़ों को लेकर बना हुआ है, जो अब तक नहीं मिले हैं। पुलिस ने जंगल, गंगा किनारे और आसपास के इलाकों में कई बार सर्च अभियान चलाया है। संभल से आई डॉग मेरी की मदद से भी सुराग तलाशे गए। 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने मोबाइल टावर का बीटीएस डेटा भी निकाला है। देशराज और सुषमा 14 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे घर से लकड़ी लेने जंगल गए थे। अगले दिन 15 सितंबर को सुबह करीब 9 बजे दोनों के शव अलग-अलग जगह मिले। दोनों के शवों के बीच करीब एक किलोमीटर की दूरी थी। देशराज का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला, जबकि सुषमा का शव गंगा के पानी में गिरे शहतूत के पेड़ से बंधा मिला था। पति के कपड़े गायब, पत्नी की सलवार मिली घटना में सबसे ज्यादा सवाल देशराज के कपड़ों को लेकर उठ रहे हैं। पेड़ पर लटके मिले देशराज के शरीर पर ऊपरी कपड़े नहीं थे। वहीं सुषमा के शरीर से सलवार गायब थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि सलवार देशराज ने पहन रखी थी। पुलिस कई दिनों तक गंगा खादर में कपड़ों की तलाश करती रही, लेकिन अभी तक उनका पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम में पति की फंदे से मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक देशराज की मौत फंदे पर लटकने से हुई थी, जबकि सुषमा की गला घोंटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने एक समय यह आशंका जताई थी कि देशराज ने पत्नी की हत्या करने के बाद खुद फंदे से लटककर जान दे दी। हालांकि कपड़ों के गायब होने से मामला पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। एडीजी और डीआईजी भी घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। बीटीएस डेटा से तलाशे जा रहे बाहरी लोगों के सुराग पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के वक्त दंपती के अलावा कोई और व्यक्ति घटनास्थल के आसपास मौजूद था या नहीं। इसके लिए घटनास्थल के दायरे में आने वाले मोबाइल टावरों का बीटीएस डेटा जुटाया गया है और सक्रिय मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया जा रहा है। उस दिन गंगा में मछली पकड़ने पहुंचे मछुआरों से भी पूछताछ की गई, लेकिन अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि 25 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है और सभी बिंदुओं पर जांच जारी है।

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