टूटे बांध का गैप बढ़ा, 1 लाख लोग प्रभावित:10 से 100 मीटर हो गया, NDRF, SDRF और PAC की टीमें बचाव कार्य में जुटीं
कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में अहिरौलिदान-पिपरासी बांध का टूटा हिस्सा 100 मीटर से अधिक हो गया है। नेपाल से लगातार छोड़े गए पानी के भारी दबाव के कारण सोमवार देर रात गौरहा गांव के सामने बांध का 10 मीटर हिस्सा बह गया था। इसके बाद तेज बहाव के कारण कटाव बढ़ता गया और बांध का बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में बह गया। बांध टूटने से आसपास के करीब 20 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। इससे 1 लाख से ज्यादा की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। नदी का बहाव गांव की दिशा में होने के कारण कटान स्थल पर किए जा रहे बचाव कार्य भी सफल नहीं हो पा रहे हैं। रात में बह गया था 10 मीटर हिस्सा एपी तटबंध पर गौरहा गांव के सामने सोमवार रात से पानी का रिसाव शुरू हुआ था। रात करीब 10:30 बजे अचानक बांध का 10 मीटर हिस्सा बह गया। इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तटवर्ती गांवों को खाली कराना शुरू कर दिया। मंगलवार सुबह तक बाढ़ खंड के इंजीनियरों की टीम ने टूटे हिस्से को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद बांध का बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में बह गया। सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया मंगलवार दोपहर बाद बांध टूटने की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के बेदूपार इंटर कॉलेज परिसर में लगे बाढ़ राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरण की शुरुआत की। तमकुहीराज के एसडीएम कुणाल गौरव ने बताया कि शाम तक स्थानीय प्रशासन ने लगभग 5 हजार चिह्नित लोगों को राहत सामग्री दे दी थी। NDRF, SDRF और PAC की 4 टीमें तैनात प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए जिला प्रशासन ने NDRF और SDRF की 2-2 टीमें मौके पर तैनात की हैं। PAC की 4 इकाइयां रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाई गई हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी लगातार प्रभावित इलाकों में भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजा जा रहा है। खड्डा तहसील में भी करीब 50 हजार आबादी प्रभावित खड्डा तहसील क्षेत्र में भी हालात खराब हैं। यहां निचले इलाकों में फैले बाढ़ के पानी से लगभग 50 हजार आबादी प्रभावित हुई है। बंधे से ओवरफ्लो होकर दूसरी ओर गिरे पानी से छितौनी नगर पंचायत के 6 वार्ड और आसपास के 15 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। खड्डा से बिहार को जोड़ने वाले मुख्य हाईवे पर भी पानी चढ़ गया है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। नदी पार के गांवों में स्थिति बिगड़ने पर लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। पानी कम होने के बाद ही खत्म होगी लोगों की परेशानी बांध टूटने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे और राहत उपायों की समीक्षा से बाढ़ पीड़ितों को तात्कालिक राहत महसूस हुई है। इसके बावजूद स्थायी घर-बार पानी में डूबे होने के बीच बंधों पर शरण लिए लोगों की परेशानी पानी कम होने के बाद ही खत्म होगी।
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