पंजाब-हरियाणा में ईडी की बड़ी छापेमारी, 25 ठिकाने जांच के घेरे में

प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में करीब 20 से 25 ठिकानों पर छापेमारी की। मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय में भी दस्तावेजों और भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े अभिलेखों की जांच की गई। यह कार्रवाई करीब 150 करोड़ रुपये के कथित भूमि उपयोग परिवर्तन और शुल्क मामले की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि, छापेमारी में बरामदगी या जांच के निष्कर्षों को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।दि राइजिंग न्यूज़ | पंजाब | 22 सितंबर 2026 ईडी का बड़ा एक्शन, पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर छापेमारी संक्षिप्त सार प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब से जुड़े एक मामले में मंगलवार को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की। मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय में भी जांच एजेंसी की टीम पहुंची और संबंधित दस्तावेजों तथा अभिलेखों की पड़ताल की। कार्रवाई करीब 150 करोड़ रुपये के भूमि उपयोग परिवर्तन और शुल्क से जुड़े कथित मामले की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि, छापेमारी में क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक ज

Sep 22, 2026 - 16:38
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पंजाब-हरियाणा में ईडी की बड़ी छापेमारी, 25 ठिकाने जांच के घेरे में

दि राइजिंग न्यूज़ | पंजाब | 22 सितंबर 2026

प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब से जुड़े एक मामले में मंगलवार को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की। मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय में भी जांच एजेंसी की टीम पहुंची और संबंधित दस्तावेजों तथा अभिलेखों की पड़ताल की। कार्रवाई करीब 150 करोड़ रुपये के भूमि उपयोग परिवर्तन और शुल्क से जुड़े कथित मामले की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि, छापेमारी में क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कई जगह कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को पंजाब से जुड़े मामले में कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमें केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के अलावा पंजाब के मोहाली और हरियाणा के पंचकूला में पहुंचीं। जानकारी के अनुसार करीब 20 से 25 ठिकानों पर जांच की कार्रवाई चल रही है। मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय में जांच

जांच एजेंसी की टीमें मंगलवार को ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचीं। बताया गया कि अलग-अलग स्थानों से आई टीमें तीन वाहनों के जरिए मोहाली पहुंची थीं। कार्यालय में पहुंचने के बाद अधिकारियों ने संबंधित विभागों की फाइलों और अभिलेखों की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान भूमि उपयोग परिवर्तन और शुल्क से जुड़े दस्तावेजों को विशेष रूप से खंगाले जाने की जानकारी सामने आई है।

करीब 150 करोड़ रुपये के मामले से जुड़ी जांच

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण से जुड़े करीब 150 करोड़ रुपये के भूमि उपयोग परिवर्तन और शुल्क चूक मामले की जांच का हिस्सा हो सकती है। इस जांच के दायरे में न्यू चंडीगढ़ स्थित सनटेक सिटी समेत कई परियोजनाओं के होने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित परियोजनाओं में भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई या नहीं। इसके अलावा शुल्क के निर्धारण और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

बिल्डरों के ठिकानों पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय इससे पहले दो बिल्डरों से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी कर चुका है। उस कार्रवाई में मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाने की कोशिश की गई थी। अब प्राधिकरण के कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच किए जाने से मामले की पड़ताल आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। जांच एजेंसी जमीन और परियोजनाओं से जुड़े लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।

फाइलों और शुल्क रिकॉर्ड की हो रही पड़ताल

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों की फाइलों, स्वीकृतियों और भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी है। इसके साथ ही शुल्क निर्धारण और भुगतान से संबंधित अभिलेख भी खंगाले जा रहे हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित परियोजनाओं में किसी प्रकार के नियम उल्लंघन या वित्तीय अनियमितता हुई या नहीं। हालांकि, जांच के दौरान सामने आई किसी ठोस अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं

फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए छापेमारी के दौरान किसी दस्तावेज, नकदी या अन्य सामग्री की बरामदगी के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई के परिणाम और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर इसे जांच की जारी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

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