एक्सप्रेसवे के लिए जमीन-अधिग्रहण के विरोध में किसानों का धरना:सोनभद्र में कहा- सहमति के बिना जमीन न ली जाए, आंदोलन की चेतावनी
सोनभद्र में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने शुक्रवार दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। किसान संघ की ओर से आयोजित धरने में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने कहा कि उनकी सहमति के बिना किसी भी स्थिति में जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। किसान तैयार नहीं तो जमीन क्यों ली जा रही धरना स्थल पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब सोनभद्र के किसान और स्थानीय लोग एक्सप्रेसवे के लिए जमीन देने को तैयार नहीं हैं, तो सरकार इसे उन पर क्यों थोपना चाहती है। संदीप मिश्र ने कहा कि किसानों की लड़ाई सिर्फ जमीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आदिवासी पहचान, परंपरा और जल, जंगल व जमीन के संरक्षण से भी जुड़ी है। उन्होंने प्रशासन से किसानों से जबरन हस्ताक्षर नहीं कराने की मांग की। उनका कहना था कि ऐसा किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसान बोले- जमीन बचाने के लिए हर स्तर पर करेंगे संघर्ष किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा कि किसान अपनी जमीन बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान जान दे सकता है, लेकिन जमीन नहीं देगा। ज्योति प्रकाश सिंह ने कहा कि किसानों के हित की लड़ाई अब आर-पार की होगी। किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने कहा कि किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का मुद्दा उठाया रामजी सिंह मौर्य ने कहा कि किसानों के लिए धरती मां के समान है और मां का सौदा नहीं किया जा सकता। अमित जायसवाल ने कहा कि अन्नदाताओं का अनादर स्वीकार नहीं किया जाएगा। धरने के दौरान किसानों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं और समस्याओं के समाधान की मांग की। किसानों ने दोहराया कि उनकी सहमति के बिना जमीन लेने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। धरने में विनोद मौर्य, कमलेश मौर्य, विकास बिंद, अमित, संतोष और रितेश समेत कई किसान मौजूद रहे।
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