एमईएस टेंडर के नाम पर 1.63 करोड़ की जालसाजी:कल्याणपुर मे पीड़ितों पर ही दर्ज कराया मुकदमा, पुलिस जांच में जुटी
कानपुर के कल्याणपुर के एक फर्म संचालक पर एमईएस (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज) के टेंडर का काम दिलाने के नाम पर पांच लोगों से करीब 1.63 करोड़ रुपये लगवाकर रकम हड़पने का आरोप लगा है। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम का हिसाब मांगा तो फर्म संचालक ने उनसे पल्ला झाड़ लिया। उल्टा उन्हीं लोगों के खिलाफ फर्जी खाता खुलवाकर टेंडर का वर्क ऑर्डर लेने और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करने का मुकदमा दर्ज करा दिया। मामले में लखनऊ निवासी पांच पीड़ितों ने बुधवार को पुलिस आयुक्त और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। फतेहगढ़ एमईएस का काम दिलाने का दिया था भरोसा लखनऊ के भीमनगर निवासी देवेंद्र पांडेय ने शिकायत में बताया कि वह एमईएस में ठेकेदारी का काम करते हैं। उनके अनुसार कल्याणपुर स्थित जय दुर्गा ट्रेडर्स के संचालक दिनेश कुमार मिश्रा ने उन्हें फतेहगढ़ एमईएस में टेंडर का काम दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए उन्हें छह जून 2024 को कानपुर बुलाया गया। विश्वास में आकर देवेंद्र ने फतेहगढ़ में काम शुरू कर दिया और करीब 16 लाख रुपये अपनी ओर से लगा दिए। देवेंद्र के मुताबिक, इसके बाद दिनेश ने उन्हें लखनऊ एमईएस का काम कराने की बात कही और पहले किए गए काम का हिसाब बाद में करने को कहा। इस पर देवेंद्र ने अपने साथियों से भी रकम लगवाई। पांच लोगों से लगवाई रकम
शिकायत के मुताबिक, देवेंद्र ने अपने साथी राबिन से 5.15 लाख रुपये, आशीष अग्निहोत्री से 46.80 लाख रुपये, बौद्ध प्रकाश से 15 लाख रुपये और राघवेंद्र से 12 लाख रुपये लगवाए। पीड़ितों का दावा है कि इस तरह अलग-अलग मदों में करीब 1.63 करोड़ रुपये की रकम काम में लगाई गई। इसमें कुछ रकम दिनेश के बताए खाते में जमा कराई गई, जबकि बड़ी रकम निर्माण सामग्री और अन्य काम में खर्च की गई। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने टेंडर से संबंधित काम का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर दिया था। इसके बाद दिनेश ने काम अपने हाथ में ले लिया और भुगतान के नाम पर चेक दिए। आरोप है कि बाद में चेक से भुगतान नहीं हुआ और दिनेश ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
पीड़ितों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराने का आरोप
देवेंद्र का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम और काम का हिसाब मांगा तो मामला उल्टा उनके खिलाफ कर दिया गया। शिकायत के अनुसार, 24 जुलाई को विकास नगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक के प्रबंधक और कर्मचारियों के साथ साठगांठ कर पीड़ितों के खिलाफ फर्जी खाता खोलकर एमईएस टेंडर का वर्क ऑर्डर लेने और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करने का मुकदमा दर्ज कराया गया। पीड़ितों का कहना है कि जिस खाते को दिनेश मिश्रा फर्जी बता रहे हैं, उससे जुड़ा क्रेडिट कार्ड उनके बेटे द्वारा इस्तेमाल किए जाने का दावा किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि इसी खाते से दिनेश के दूसरे निजी खाते में रकम भेजी गई। इसके अलावा दिनेश की पत्नी के खाते से भी राबिन के खाते में लाखों रुपये भेजे जाने की बात शिकायत में कही गई है। टेंडर और एफडी भी दिनेश के नाम होने का दावा देवेंद्र पांडेय का कहना है कि जिस एमईएस टेंडर को लेकर विवाद चल रहा है, वह दिनेश मिश्रा के नाम पर है। उनका दावा है कि एमईएस में दिनेश की दो एफडी भी जमा हैं। ऐसे में खाते और पावर ऑफ अटॉर्नी को फर्जी बताए जाने के दावे की जांच कराए जाने की मांग की गई है। पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, रकम के लेनदेन, बैंक खातों, टेंडर दस्तावेजों और पावर ऑफ अटॉर्नी की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की भी निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है। फर्म संचालक बोले- मेरे नाम पर फर्जी खाता खोलकर लिया गया वर्क ऑर्डर
जय दुर्गा ट्रेडर्स के संचालक दिनेश कुमार मिश्रा का कहना है कि उनके नाम पर फर्जी खाता खोलकर एमईएस का वर्क ऑर्डर लिया गया है। उन्होंने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार किए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी मामले में उन्होंने पुलिस से शिकायत की है।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि- मामले की शिकायत मिली है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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