एमएलसी चुनाव में ढिल्लो-दानिश फिर आमने-सामने, आज से नामांकन:भाजपा ने हरि सिंह ढिल्लो पर जताया भरोसा, सपा ने दानिश अख्तर को उतारा

Sep 29, 2026 - 17:58
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एमएलसी चुनाव में ढिल्लो-दानिश फिर आमने-सामने, आज से नामांकन:भाजपा ने हरि सिंह ढिल्लो पर जताया भरोसा, सपा ने दानिश अख्तर को उतारा
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव-2026 की प्रक्रिया मंगलवार, 29 सितंबर से शुरू हो गई। नामांकन के पहले दिन भाजपा की ओर से प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के नाम से पर्चा खरीदा गया। समाजवादी पार्टी की ओर से पहले दिन नामांकन पत्र नहीं खरीदा गया। भाजपा ने एक बार फिर मौजूदा एमएलसी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को मैदान में उतारा है। वहीं सपा ने बिजनौर निवासी शिक्षक मोहम्मद दानिश अख्तर को प्रत्याशी बनाया है। खास बात यह है कि दोनों प्रत्याशी पिछली बार भी इसी सीट से चुनाव मैदान में आमने-सामने थे। पिछली बार ढिल्लो ने जीत दर्ज की थी। इस बार दानिश अख्तर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि ढिल्लो भाजपा प्रत्याशी के तौर पर अपना चुनावी मैदान बचाने उतरेंगे। ढिल्लो ने जनता दल से शुरू की राजनीति, भाजपा से पहुंचे विधान परिषद अमरोहा निवासी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो पेशे से बीएएमएस चिकित्सक हैं। उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत जनता दल से हुई थी। इसके बाद वह अजित सिंह के साथ जुड़े और विधान परिषद तक पहुंचे। बरेली-मुरादाबाद स्नातक सीट से उन्होंने लगातार दो बार चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों चुनाव में उन्हें हार मिली। पहली बार उन्हें डॉ. नैपाल सिंह ने चुनाव हराया था। इसके बाद दूसरी बार डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने उन्हें मात दी। इन चुनावी अनुभवों के बाद ढिल्लो भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ने शिक्षक एमएलसी चुनाव में उन्हें मौका दिया और उन्होंने जीत दर्ज कर शिक्षक सीट पर पार्टी का खाता मजबूत किया। दूसरी बार भाजपा ने ढिल्लो को बनाया प्रत्याशी भाजपा ने इस बार भी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो पर भरोसा जताया है। इससे चुनाव में उनकी पिछली जीत का रिकॉर्ड भी अहम रहेगा। ढिल्लो का राजनीतिक जुड़ाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति से रहा है। वह भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह के समधी भी हैं। यानी इस चुनाव में ढिल्लो के सामने अपनी मौजूदा सीट बचाने की चुनौती है। दूसरी ओर सपा ने ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारा है, जो पिछली बार भी इसी सीट से चुनाव लड़ चुका है और शिक्षक वर्ग के बीच चुनावी अनुभव रखता है। दानिश अख्तर: इंटर कॉलेज के शिक्षक, पिछली बार अटेवा से लड़े समाजवादी पार्टी ने बिजनौर निवासी मोहम्मद दानिश अख्तर को प्रत्याशी बनाया है। दानिश बिजनौर के कीरतपुर स्थित एक इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। वह शिक्षक राजनीति से जुड़े रहे हैं और पिछली बार भी बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। हालांकि पिछला चुनाव उन्होंने किसी राजनीतिक दल के टिकट पर नहीं, बल्कि ऑल टीचर्स एम्पलाई वेलफेयर एसोसिएशन यानी अटेवा के प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था। इस बार उनकी राजनीतिक पहचान बदल गई है। वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में इस बार दानिश के सामने पिछली चुनावी पहचान को सपा के राजनीतिक संगठन के साथ जोड़कर मुकाबला करने की चुनौती होगी। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी ढिल्लो के पास मौजूदा एमएलसी के तौर पर चुनावी अनुभव है। छह साल में करीब 10 हजार बढ़े शिक्षक मतदाता बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र में इस बार कुल 46,699 मतदाता हैं। वर्ष 2020 में इस सीट पर 36,703 मतदाता थे। यानी छह साल में मतदाताओं की संख्या करीब 10 हजार बढ़ी है। यही शिक्षक मतदाता 23 अक्टूबर को अपने एमएलसी का चुनाव करेंगे। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। 9 जिलों में फैली शिक्षक एमएलसी सीट बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल नौ जिले शामिल हैं। इनमें बरेली मंडल के चार और मुरादाबाद मंडल के पांच जिले आते हैं। बिजनौर इस सीट पर सबसे ज्यादा शिक्षक मतदाताओं वाला जिला है। यहां अब 8,451 मतदाता हैं। मुरादाबाद में 7,504 मतदाता हैं। रामपुर में 3,093 मतदाता हैं। वर्ष 2020 में मुरादाबाद में 5,475 मतदाता थे। छह साल में यहां 2,029 शिक्षक मतदाता बढ़े हैं। चुनाव कार्यक्रम नामांकन शुरू: 29 सितंबर 2026 नामांकन की अंतिम तारीख: 6 अक्टूबर, दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच: 7 अक्टूबर नाम वापसी: 9 अक्टूबर मतदान: 23 अक्टूबर, सुबह 8 से शाम 4 बजे तक मतगणना: 27 अक्टूबर चुनाव प्रक्रिया पूरी: 31 अक्टूबर नामांकन में चार बड़े नियम लागू नामांकन पत्र प्रत्याशी या उसके प्रस्तावक को व्यक्तिगत रूप से आरओ/एआरओ के सामने जमा करना होगा। डाक, फैक्स या ई-मेल से भेजा गया नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा। एक प्रत्याशी अधिकतम चार नामांकन पत्र दाखिल कर सकेगा। नामांकन के दौरान प्रत्याशी और प्रस्तावक के विवरण का मतदाता सूची से तकनीकी मिलान किया जाएगा। फॉर्म-26 के किसी कॉलम को खाली नहीं छोड़ा जा सकेगा। जो जानकारी लागू नहीं होती, वहां 'Nil' या 'Not Applicable' लिखना होगा। आचार संहिता लागू, प्रचार पर भी निगरानी चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ आदर्श आचार संहिता लागू है। शिक्षक मतदाताओं को प्रभावित करने वाले नए सरकारी कार्यक्रम, उद्घाटन और शिलान्यास पर रोक रहेगी। डाक बंगले, गेस्ट हाउस और सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल में सभी दलों को समान अवसर देने के निर्देश हैं। मतदान खत्म होने से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पूरी तरह बंद रहेगा। शराब बिक्री को लेकर ड्राई डे के नियम भी लागू होंगे। नामांकन स्थल पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी से निगरानी नामांकन प्रक्रिया को लेकर कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त शम्भू कुमार की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। अधिकारियों ने चुनाव आचार संहिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए। कमिश्नर और डीआईजी ने नामांकन स्थल का निरीक्षण कर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे, प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था देखी। नामांकन स्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ और बिना पास वाहनों की एंट्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अब 6 अक्टूबर तक नामांकन होंगे। इसके बाद 7 अक्टूबर को पर्चों की जांच और 9 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी कि 23 अक्टूबर को शिक्षक एमएलसी सीट पर कितने प्रत्याशी मैदान में रहेंगे।

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