एफबी-व्हाट्सएप और यूट्यूब चैनलों की आड़ में ब्लैकमेलिंग का धंधा:मुरादाबाद पुलिस को शासन स्तर से मिलीं गंभीर शिकायतें; DM-SSP बोले-जेल जाएंगे ब्लैकमेलर्स
मुरादाबाद में सोशल मीडिया अकाउंट्स, व्हाट्सएप ग्रुप्स और यूट्यूब चैनलों की आड़ में संभ्रांत लोगों की इमेज से खिलवाड़ करने की शिकायतें सामने आई हैं। मुरादाबाद में चल रहे ब्लैकमेलिंग के इस खेल की शिकायतें शासन तक पहुंची हैं। जिसके बाद शासन में शीर्ष लेवल से जिला प्रशासन को मामले में कड़े और त्वरित एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बाद जिला प्रशासन ने इस मामले में कमर कस ली है। शनिवार को डीएम अनुनय झा और एसएसपी सतपाल अंतिल ने संयुक्त बयान में कहा कि, ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल करके लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल, मुरादाबाद के कई निर्यातकों और डॉक्टर्स की ओर से इस बारे में शासन में लगातार शिकायतें की जा रही थीं। जिसके बाद शासन ने एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। शक के घेरे में आए सोशल मीडिया अकाउंट्स- यूट्यूब चैनलों की मॉनीटरिंग शुरू एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब चैनलों को चिन्हित कर सर्विलांस पर रखा गया है। जल्द इस मामले में कड़ी कार्रवाई होंगी, जो लोग भी इसमें शामिल हैं, उन्हें जेल जाना होगा। दरअसल शासन को मुरादाबाद में चल रहे एक ब्लैकमेलिंग गैंग के बारे में ठोस सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद पुलिस को टास्क सौंपा गया। मुरादाबाद पुलिस को छानबीन में पता चला है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स से संभ्रांत लोगों के बारे में बिना उनका नाम लिखे उल्टी-सीधी पोस्ट डाली जाती हैं। इनका मकसद इन संभ्रांत लोगों को ब्लैकमेल करना होता है। कई संभ्रांत लोगों के बारे में ऐसी पोस्टें पुलिस की जानकारी में आई हैं। द्विअर्थी और इशारों वाली भाषा में होने वाली इन पोस्टों से एक-एक पोस्ट से उसके दायरे में आने वाले कई-कई लोगों से वसूली की जाती है। पुलिस ने ऐसे कुछ लोगों को चिन्हित कर लिया है, जिन पर काम चल रहा है। मुरादाबाद पुलिस की ओर से जारी चेतावनी
सोशल मीडिया के लिए प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइंस डीएम अनुनय झा और एसएसपी सतपाल अंतिल की ओर से जारी संयुक्त प्रेस रिलीज में कहा गया है कि, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा भ्रामक सूचनाओं से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। दोनों अधिकारियों ने सोशल मीडिया के उपयोग में सतर्कता एवं जिम्मेदारी बरतने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर एवं विभिन्न वेबसाइटों सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली किसी भी खबर, संदेश अथवा वीडियो को उसकी सत्यता की पुष्टि किए बिना साझा न करें।
किसी भी माध्यम से प्राप्त सूचना को आगे प्रसारित करने से पहले उसके स्रोत और विश्वसनीयता की जांच अवश्य कर लें। निराधार एवं भ्रामक सूचनाओं को साझा करना अनजाने में भी अफवाहों को बढ़ावा दे सकता है, जिससे समाज में भ्रम, तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका रहती है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत, भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित कर जनमानस को गुमराह करने अथवा जिले की शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने कहा कि भ्रामक एवं तथ्यहीन सामग्री प्रसारित करने वाले यूट्यूब चैनलों, फेसबुक अकाउंट, वेबसाइटों तथा व्हाट्सएप ग्रुपों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध अथवा आपत्तिजनक मामलों में संबंधित यूजर और ग्रुप एडमिन की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा है कि, सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ करें। किसी भी संदिग्ध या भ्रामक सूचना पर विश्वास करने अथवा उसे साझा करने के बजाय संबंधित सक्षम अधिकारी या आधिकारिक स्रोत से उसकी पुष्टि करें। अफवाहों से बचें, दूसरों को भी जागरूक करें और जनपद में शांति, सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
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