गांधी-शास्त्री जयंती पर काशी विद्यापीठ में सर्वधर्म प्रार्थना:डॉ. नागेंद्र सिंह बोले- विश्वविद्यालय को मिले केंद्रीय विवि का दर्जा, बने शास्त्री अध्ययन पीठ

Oct 02, 2026 - 16:25
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गांधी-शास्त्री जयंती पर काशी विद्यापीठ में सर्वधर्म प्रार्थना:डॉ. नागेंद्र सिंह बोले- विश्वविद्यालय को मिले केंद्रीय विवि का दर्जा, बने शास्त्री अध्ययन पीठ
महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई। गांधी अध्ययन पीठ में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। वहीं विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नागेंद्र सिंह ने काशी विद्यापीठ को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने इसी संस्था की नींव रखी थी और शास्त्री जी ने यहीं से शिक्षा लेकर देश की सेवा की। ऐसे में शास्त्री जी के विचारों और कार्यों को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय में उनके नाम पर पीठ बनाई जानी चाहिए। गांधी और शास्त्री जी के विचार आज भी प्रासंगिक कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा से देश को स्वतंत्रता दिलाई, वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ के उद्घोष से राष्ट्र को आत्मगौरव प्रदान किया। दोनों महापुरुषों के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। गांधीजी के प्रिय भजन से हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय और अन्य अतिथियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की। मंचकला विभाग के छात्र-छात्राओं ने गांधीजी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की प्रस्तुति दी। अंत में ‘रघुपति राघव राजा राम’ की रामधुन प्रस्तुत की गई। अलग-अलग धर्मों के धर्मग्रंथों का हुआ पाठ गांधीजी के सर्वधर्म समभाव के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने धर्मग्रंथों का पाठ किया। रागी बंधुओं ने गुरुद्वारा कमेटी, लक्सा की ओर से शबद प्रस्तुति दी। हाफिज मोहम्मद इस्माइल ने कुरान का पाठ किया। फादर आनंद ने बाइबल का पाठ किया, जबकि पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया। ‘गांधीजी को याद करने के लिए कोई एक दिन नहीं’ जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नागेंद्र सिंह ने कहा कि गांधीजी का जीवन ही उनका संदेश देता है। ऐसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व को याद करने के लिए कोई एक दिन विशेष नहीं है, बल्कि उनके विचार निरंतर प्रवाह की तरह हैं। उन्होंने कहा कि गांधी अध्ययन पीठ में गांधीजी के विचारों को लेकर शोध और अनुसंधान कार्य किए जाते हैं। शास्त्री जी पर भी पीठ बनाने की अपील डॉ. नागेंद्र सिंह ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री इसी काशी की धरती से जुड़े रहे और इसी विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के जीवन, विचारों और कार्यों को आने वाली पीढ़ी तक सही रूप में पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय में उनके नाम पर एक पीठ की आवश्यकता है। ‘सेंटर लाइब्रेरी में शास्त्री जी से जुड़ी जानकारी’ डॉ. नागेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की सेंटर लाइब्रेरी में लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और उनके विश्वविद्यालय से जुड़े होने की जानकारी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि गांधीजी के लिए गांधी अध्ययन पीठ के माध्यम से उनके विचारों पर काम हो रहा है, उसी तरह शास्त्री जी के लिए भी विश्वविद्यालय में पीठ होनी चाहिए। ‘केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा सच्ची यादगार होगी’ डॉ. नागेंद्र सिंह ने कहा कि गांधीजी ने जिस संस्था की नींव रखी और जहां से लाल बहादुर शास्त्री ने शिक्षा लेकर देश की सेवा की, उस संस्था को केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया जाना इन दोनों महापुरुषों के प्रति सच्ची यादगार होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसी स्मृति भी बनाई जानी चाहिए, जहां विद्यार्थी जाकर दोनों महापुरुषों के जीवन और उनकी यात्रा को देख और समझ सकें।

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