गौरक्षक संघ के पदाधिकारी को थाने ले जाने पर विवाद:शाहजहांपुर में दरोगा पर बदसलूकी का आरोप, जांच की मांग
शाहजहांपुर में 3 अक्टूबर की रात साढ़े 11 बजे गौ रक्षक संघ के जिला सचिव अखिलेश मिश्रा को पुलिस रात में निजी गाड़ी से थाने ले गई। आरोप है कि उन्हें गौमाता एक्सीडेंट में मदद के बहाने घर से उठाया गया। इस बीच सचिव को मनाने के दौरान के कार्यकर्ता उनका वीडियो बनाने लगे जिस पर वह भड़क गये और वीडियो न बनाने को कहा। थाने में कई घंटे बैठाने के बाद हंगामा हुआ। शनिवार सुबह तक पदाधिकारी थाने में डटे रहे। अखिलेश मिश्रा ने बताया कि 3 अक्टूबर की रात बिरसिंपुर चौकी इंचार्ज सादी वर्दी में घर आए। उन्होंने गौमाता के एक्सीडेंट का हवाला देकर कहा कि डाक्टर ने कहा कि कि गौरक्षक संघ के व्यक्ति के बिना इलाज नहीं होगा। आरोप है कि दरोगा उन्हें जबरदस्ती तिलहर थाने ले गए। मिश्रा का आरोप है कि दरोगा शराब के नशे में थे, बदतमीजी भी की गई। थाने में बैठाया गया। रात में संगठन के पदाधिकारी जमा हुए, जिससे हंगामा चला। हालात बिगड़े तो थाना प्रभारी बैकफुट पर आकर सचिव को मनाने लगे। अखिलेश मिश्रा ने इस मामले की निष्पक्ष जांच, जबरदस्ती थाने में रखने और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। हंगामे जैसी कोई सूचना नहीं पुलिसकर्मियों औद अन्य संबन्धित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसकी जानकारी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी दी गई है। सीओ तिलहर विदुश सक्सेना ने बताया कि एक प्रकरण में पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। हंगामे जैसी कोई सूचना नहीं है। उनके साथ वार्ता की जा रही है।
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