'गलत फैसलों से परिवार का सुकून छिनता है':लखनऊ धर्मसभा में विहसंत सागर महाराज ने कहा- क्षणिक लाभ के लिए गलत राह न चुनें
लखनऊ के चौक में मंगलवार को धर्मसभा का आयोजन किया गया। कथा में उपाध्याय 108 विहसंत सागर महाराज ने कहा कि एक गलत फैसला सिर्फ व्यक्ति की जिंदगी नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सुकून छीन सकता है। क्रोध, गलत संगति, लालच, नशा और अपराध की शुरुआत आसान लग सकती है, लेकिन इसका असर वर्षों तक परिवार को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गलत राह पर जाने के बाद व्यक्ति को पछतावा होता है। कारागार पहुंचने पर समझ आता है कि उसने सिर्फ अपनी आजादी नहीं खोई, बल्कि परिवार की शांति भी छीन ली। किसी भी गलत कदम से पहले यह सोचना चाहिए कि उसके फैसले की कीमत कौन चुका रहा है। पत्नी को समाज के सवालों और लोगों की नजरों का सामना करना पड़ता है। मां की उम्मीदें, पिता का भरोसा, पत्नी का सम्मान और बच्चों का भविष्य भी व्यक्ति के फैसले से जुड़ा होता है। क्षणिक लाभ के लिए गलत राह न चुनें उन्होंने कहा कि गलत मित्रता, अवैध कमाई, नशा, हिंसा या अपराध का रास्ता भले ही आसान लगे, लेकिन इसका अंत दुख, पछतावे और टूटे रिश्तों में होता है। सच्ची बहादुरी गलत अवसर आने पर खुद को रोक लेने में है। गलती क्षण भर की हो सकती है, लेकिन उसका दंड वर्षों तक चल सकता है। गलत दिशा में जाए मन तो परिवार को याद करें महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि जब भी मन गलत दिशा में जाने लगे, उस समय परिवार और प्रियजनों को याद करें। अपने फैसले के परिणामों पर विचार करें। जीवन सिर्फ हमारा नहीं, बल्कि उन लोगों का भी है जो हमसे प्रेम करते हैं और हम पर भरोसा करते हैं।
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