गन्ने का मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल करने की मांग:किसानों का प्रदर्शन, कहा- धान क्रय केंद्र चालू हो, बारिश से नुकसान का मुआवजा मिले
सीतापुर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे दर्जनों किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र डीएम को सौंपा। इसमें गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल तय करने, धान क्रय केंद्रों को चालू कराने और बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की गई। गन्ने का मूल्य ₹500 करने की मांग संगठन के प्रदेश महासचिव प्रदीप शुक्ला 'श्याम' ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है। इसके बावजूद किसानों को गन्ने का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी के बाजार मूल्य लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का मूल्य कम से कम ₹500 प्रति क्विंटल तय किया जाना चाहिए। धान क्रय केंद्रों को धरातल पर चालू कराने की मांग प्रदीप शुक्ला ने धान खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कागजों पर 12 अक्टूबर से क्रय केंद्र शुरू हो चुके हैं, लेकिन धरातल पर केंद्र निष्क्रिय हैं। इसके कारण किसान बिचौलियों और आढ़तियों को ₹1,400 से ₹1,500 प्रति क्विंटल में धान बेचने को मजबूर हैं। जबकि सरकार की ओर से निर्धारित मूल्य ₹2,441 से ₹2,461 प्रति क्विंटल है। आलू किसानों को राहत देने की मांग मांगपत्र में आलू किसानों को सस्ता बीज और कोल्ड स्टोर की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। किसानों ने ठेके और बटाई पर खेती करने वालों को राहत देने के साथ यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी किसानों ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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