गोंडा डीएम सड़कों पर उतरीं, जलभराव-बिजली पर अधिकारियों फटकारा:24 घंटे अलर्ट रहने और जेसीबी से नाले साफ कराने के निर्देश दिए

Sep 26, 2026 - 17:54
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गोंडा डीएम सड़कों पर उतरीं, जलभराव-बिजली पर अधिकारियों फटकारा:24 घंटे अलर्ट रहने और जेसीबी से नाले साफ कराने के निर्देश दिए
गोंडा में करीब 60 घंटे से हो रही बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित है। शहर के कई इलाकों में जलभराव है। जगह-जगह पेड़ टूटकर गिर गए हैं और बिजली के तार लटक रहे हैं। शनिवार शाम 4:30 से 5:30 बजे तक जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम और नगर पालिका अधिकारियों के साथ शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने जलभराव वाले स्थानों और सड़कों पर गिरे पेड़ों की स्थिति देखी और तत्काल राहत के निर्देश दिए। जलभराव वाले स्थानों पर जेसीबी से सफाई के निर्देश डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर अधिक जलभराव है, वहां जेसीबी लगाकर पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने नालों की जेसीबी से सफाई कराने और जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान करने को कहा। सड़कों पर गिरे पेड़ों को भी जल्द हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि यातायात प्रभावित न हो और लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार निरीक्षण के दौरान डीएम ने लटके बिजली के तारों और गिरे खंभों की स्थिति पर बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने जर्जर तारों और गिरे खंभों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान किसी तरह का हादसा न हो। उन्होंने शहर में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने और खराबी की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को अगले 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अगले 24 घंटे मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। जिले के अन्य अधिकारी भी अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। जलभराव, पेड़ गिरने और अन्य समस्याओं पर संबंधित विभागों की टीमें काम कर रही हैं। गौशालाओं और पशुओं की भी निगरानी बारिश के बीच गौशालाओं की स्थिति की भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पशुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। डीएम ने पशु चिकित्सा अधिकारी को भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों को भी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि 27 सितंबर तक भारी बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी मिली थी। इसके बाद आपदा विभाग और ग्राम पंचायतों के माध्यम से एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि जिले की छोटी-बड़ी सभी नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। मनकापुर क्षेत्र में कुआनो नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, हालांकि अभी तक आबादी में पानी नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जहां भी पेड़ गिरे हैं, उन्हें हटाया जा रहा है। जलभराव वाले स्थानों पर भी तत्काल राहत कार्य कराया जा रहा है।

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