गोंडा में अब तक तय नहीं हुए धान क्रय केंद्र:118 में से सिर्फ 27 क्रय केंद्र बने, धान खरीद की तैयारियों में सुस्ती
गोंडा में एक नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू की जानी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां बेहद धीमी गति से चल रही हैं। आज रविवार सुबह 10:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अब तक केवल 27 क्रय केंद्र ही बन पाए हैं। हर साल की तरह जिले में कुल 118 धान क्रय केंद्र खोले जाने हैं, लेकिन क्रय एजेंसियों की लेटलतीफी के कारण अब तक अधिकांश केंद्रों का निर्धारण नहीं हो सका है।कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जिले में 1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई थी। विभाग ने इस बार करीब चार लाख नौ हजार क्विंटल धान उत्पादन की उम्मीद जताई है। वर्तमान में अगेती धान की फसलों की कटाई तेजी से शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बालियां लग रही हैं। पिछले माह लगातार पांच दिनों तक हुई बारिश के चलते किसानों को पहले ही काफी नुकसान झेलना पड़ा था। अब जब फसल कटकर तैयार होने लगी है, तो समय पर सरकारी क्रय केंद्र सक्रिय न होने से किसानों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। क्रय केंद्रों के अभाव में किसान अपनी मेहनत की उपज का उचित और लाभकारी मूल्य पाने से वंचित हो रहे हैं। समय पर केंद्र शुरू न होने के कारण कई किसान अपनी उपज को मंडियों में औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों व बिचौलियों के हाथों बेचने को विवश हैं।
वहीं खाद्य विपणन विभाग ने पिछले सप्ताह ही सभी संबंधित क्रय एजेंसियों से नए केंद्र खोलने को लेकर रिपोर्ट तलब की थी,लेकिन एजेंसियों ने अब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है। कई एजेंसियां हर साल की भांति इस बार भी संबद्धता के सहारे ही केंद्रों के संचालन की तैयारी में जुटी दिखाई दे रही हैं। इस पूरे मामले पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी एनके पाठक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि धान खरीद को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रक्रिया जारी है और जल्द ही शेष सभी क्रय केंद्रों की सूची तय कर किसानों की सुविधा के लिए जारी कर दी जाएगी।
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