गोंडा पहुंची सिराथू विधायक डॉ.पल्लवी पटेल:बोलीं- यूपी की 60 सीटों पर चुनाव लड़ेगा अपना दल कमेरावादी, 13 मंडलों में संगठन मजबूत करने की तैयारी
गोंडा में अपना दल कमेरावादी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल गोंडा सर्किट हाउस पहुंचीं। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रदेश के 13 मंडलों में सीटें चिह्नित की गई हैं। इनमें गोंडा की मेहनौन विधानसभा सीट भी शामिल है। कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए पार्टी संगठन को मजबूत करने की तैयारी है। पल्लवी पटेल ने इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान, ईवीएम से चुनाव, चुनाव आयोग और भाजपा सरकार पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गठबंधन में बातचीत के दौरान मतभेद होना सामान्य है, लेकिन विपक्ष का उद्देश्य मिलकर चुनाव लड़ना है। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि अपना दल कमेरावादी की चुनावी रणनीति और दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला आगे सामने आएगा। 13 मंडलों में संगठन मजबूत करेगी पार्टी डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि अपना दल कमेरावादी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश की 60 सीटों पर तैयारी कर रहा है। इन सीटों को 13 मंडलों में चिह्नित किया गया है। गोंडा की मेहनौन विधानसभा सीट भी पार्टी की रणनीति में शामिल है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए संगठन को दुरुस्त और मजबूत किया जाएगा। गोरखपुर में भी पार्टी चुनाव लड़ेगी। इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान पर पल्लवी पटेल ने कहा कि जब दो पार्टियां गठबंधन में आती हैं तो बातचीत के दौरान मतभेद होना सामान्य है। उन्होंने कहा कि अंत में सभी का उद्देश्य मिलकर चुनाव लड़ना और आम जनता के मुद्दों को उठाना है। सपा के साथ गठबंधन या अकेले चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश की राजनीति दो गठबंधनों के बीच बंटी हुई है। अपना दल कमेरावादी की विचारधारा से सहमत साथी साथ आएंगे। दूसरी पार्टियों के नेतृत्व और गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय समय आने पर सामने आएगा। चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, बोलीं- कागजों में लोकतंत्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर पल्लवी पटेल ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग स्वायत्त संस्था है, लेकिन उनके मुताबिक वह भाजपा की चुनावी रणनीति में एक मोहरे की तरह रह गया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में लोकतंत्र कागजों पर है, जबकि मौजूदा सत्ता लोकतांत्रिक ताकतों को कमजोर कर रही है।
ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं और इसके लिए प्रदर्शन भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत या हार से अलग, उनकी मांग है कि ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से मतदान कराया जाए। अनुप्रिया पटेल और भाजपा सहयोगियों पर भी रखी बात केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के खिलाफ दिव्या मित्तल के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर पल्लवी पटेल ने कहा कि हर व्यक्ति को कहीं से भी चुनाव लड़ने का अधिकार है। दोनों बहनों के एक पार्टी में काम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से उनके विचार अलग हैं, लेकिन पारिवारिक रिश्ते बने रहेंगे। उन्होंने कहा, “दो दल में नेता काम करते हैं, बहनें नहीं। पारिवारिक रूप से हम आज भी बहनें हैं।” भाजपा के सहयोगी दलों के नेताओं की नाराजगी और विपक्ष से मुलाकातों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें भाजपा से परेशानी है तो उन्हें अपना इलाज वहीं कराना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सरकारी व्यवस्था और जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल ऐसे आयोजनों में किया जा रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)