गोरखपुर एम्स में छह इंटर्न समेत 12 रेजीडेंट डॉक्टर सस्पेंड:होटल में बर्थडे पार्टी के बाद मारपीट का मामला, 8 डॉक्टर 30 दिन और 4 निलंबित हुए 10 दिन के लिए

Oct 18, 2026 - 08:30
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गोरखपुर एम्स में छह इंटर्न समेत 12 रेजीडेंट डॉक्टर सस्पेंड:होटल में बर्थडे पार्टी के बाद मारपीट का मामला, 8 डॉक्टर 30 दिन और 4 निलंबित हुए 10 दिन के लिए
गोरखपुर में होटल में जन्मदिन की पार्टी के बाद सड़क पर मारपीट और बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिसकर्मियों से हाथापाई करना एम्स गोरखपुर के रेजीडेंट डॉक्टरों को भारी पड़ गया। एम्स प्रशासन ने अनुशासनहीनता के मामले में छह इंटर्न समेत 12 रेजीडेंट डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है। इनमें आठ डॉक्टरों पर 30 दिन और चार पर 10 दिन के निलंबन की कार्रवाई की गई है। एम्स की मीडिया सेल की चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि की है। घटना के बाद गठित आंतरिक जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। होटल के बाहर शुरू हुआ विवाद, पुलिसकर्मियों से भी भिड़े छात्र घटना 19 सितंबर की देर रात कैंट क्षेत्र में छात्रसंघ चौराहे के पास स्थित सागर श्री होटल के बाहर का है। एम्स के कई एमबीबीएस छात्र होटल में जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे। पार्टी समाप्त होने के बाद सड़क पर कुछ छात्रों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया।इसी दौरान रात करीब डेढ़ बजे वहां से गुजर रहे कैंट थाने के दो सिपाहियों ने विवाद शांत कराने के लिए हस्तक्षेप किया। दोनों सिपाही सादे कपड़ों में थे। आरोप है कि विवाद में शामिल छात्रों ने उनके साथ भी हाथापाई की। स्थिति बिगड़ने पर पैडलेगंज पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने आठ छात्रों को हिरासत में लेकर कैंट थाने पहुंचाया। सीसीटीवी फुटेज में हेलमेट से हमला करने की बात आई सामने घटना के अगले दिन सभी छात्रों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। जांच के दौरान कुछ छात्रों के पुलिसकर्मियों पर हेलमेट से हमला करते दिखाई देने की बात सामने आई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एम्स प्रशासन ने भी आंतरिक जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 12 रेजीडेंट डॉक्टरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। इनमें छह इंटर्न भी शामिल हैं। मीडिया सेल के अनुसार, आठ डॉक्टरों को 30 दिन और चार डॉक्टरों को 10 दिन के लिए निलंबित किया गया है। छात्रावास के नियम भी सख्त, अभिभावकों को दी गई जानकारी घटना के बाद एम्स प्रशासन ने छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए थे। विद्यार्थियों को रात 10 से 11 बजे के बीच वार्डन के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया था। रात 11 बजे के बाद बिना अनुमति छात्रावास से बाहर जाने पर भी रोक लगाई गई थी। आरोपित विद्यार्थियों के अभिभावकों को संस्थान में बुलाकर मामले की जानकारी दी गई थी। अब निलंबन की कार्रवाई से भी उन्हें अवगत करा दिया गया है। एक ही घटना में 12 रेजीडेंट डॉक्टरों पर कार्रवाई को संस्थान में अनुशासन बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 14 नवंबर तक निलंबन, इंटर्नशिप की अवधि पर भी पड़ेगा असर एम्स प्रशासन के आदेश के अनुसार, संबंधित डॉक्टरों को 16 अक्टूबर से 14 नवंबर 2026 तक निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान अनुपस्थित रहने की अवधि उनकी इंटर्नशिप में नहीं गिनी जाएगी, जिससे इंटर्नशिप पूरी करने की समय-सीमा बढ़ जाएगी। दोबारा कार्यभार ग्रहण करते समय प्रत्येक एमबीबीएस छात्र को औपचारिक नोटरीकृत शपथपत्र भी प्रस्तुत करना होगा। इसमें उन्हें भविष्य में दुर्व्यवहार या अनुशासनहीनता न करने का लिखित आश्वासन देना होगा। पहले भी सामने आ चुके हैं छात्रों के विवाद एम्स के छात्रों से जुड़ा विवाद पहली बार सामने नहीं आया है। नवंबर 2024 में वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद के बाद छात्रावास के बाहर मारपीट का मामला सामने आया था। एक छात्र ने अपने साथियों और कुछ वरिष्ठ छात्रों पर मारपीट, तोड़फोड़ और जातिसूचक टिप्पणी करने के आरोप लगाए थे। मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था। वर्ष 2024 में दवा लिखने को लेकर जूनियर डॉक्टरों और दवा विक्रेताओं के बीच विवाद तथा मारपीट की घटना भी सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच इस बार 12 रेजीडेंट डॉक्टरों के निलंबन से संस्थान में अनुशासन और विद्यार्थियों के आचरण को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है।

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