गोरखपुर में बताए गए साइबर अपराध से बचने के तरीके:अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
गोरखपुर में मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को अपनी निजी जानकारी और बैंक खाते सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। इसी को लेकर सोमवार को सेंट एंड्रयूज कॉलेज के विधि विभाग की ओर से सेवा संकल्प अभियान के तहत साइबर कानून एवं सुरक्षा विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. शैलेश सिंह ने छात्रों को साइबर अपराधों के प्रकार, उनसे बचाव और साइबर कानूनों की जानकारी दी। हैकिंग से लेकर डीपफेक तक के खतरों को समझाया मुख्य वक्ता डॉ. शैलेश सिंह ने कहा कि साइबर सुरक्षा और साइबर कानून डिजिटल दुनिया में हमारी जानकारी, संपत्ति और अधिकारों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हैकिंग, फिशिंग, मालवेयर, साइबर बुलिंग और डीपफेक जैसे खतरे लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ उनकी निजी जानकारी का भी दुरुपयोग कर सकते हैं। इसलिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। मजबूत पासवर्ड बनाएं, अनजान लिंक से रहें दूर डॉ. सिंह ने साइबर अपराधों से बचने के लिए छात्रों को कई जरूरी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल और अन्य ऑनलाइन खातों की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड बनाएं और हर खाते के लिए अलग पासवर्ड रखें। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और अज्ञात स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने से बचें। किसी के साथ पासवर्ड, ओटीपी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। थोड़ी सी सावधानी से कई तरह के साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
साइबर कानूनों की जानकारी देते हुए उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत में साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में यह कानून महत्वपूर्ण है। इसके तहत हैकिंग, डेटा चोरी और अन्य साइबर अपराधों के लिए दंड का प्रावधान है। उन्होंने छात्रों को बताया कि यदि किसी के बैंक खाते से पैसे निकल जाते हैं या वह ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। जल्द शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। साइबर कानूनों की जानकारी जरूरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्य प्रो. आरएन सैमुअल ने की। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल और इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को साइबर कानूनों और ऑनलाइन सुरक्षा के नियमों की जानकारी होनी चाहिए। जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का एक महत्वपूर्ण तरीका है। कार्यक्रम की शुरुआत में विधि विभाग के प्रो. अतुल कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. मीनाक्षी जॉन, डॉ. राकेश मिश्रा, रंजना श्रीवास्तव और सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी प्रो. जेके पांडेय सहित विधि विभाग के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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