गोरखपुर में ‘द SDG टेबल 2.0’ का आयोजन:डॉक्टरों ने साझा किए विचार, बोले- मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने की जरूरत
गोरखपुर में शुक्रवार देर रात को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस विषय पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हाउस ऑफ MOSAIC की ओर से ‘द SDG टेबल 2.0’ का आयोजन किया गया। इसमें डॉक्टरों, मनोचिकित्सकों, शिक्षाविदों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और समाज में एक-दूसरे का सहयोग करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए सही इलाज के साथ परिवार और समाज का सहयोग भी जरूरी है। मानसिक परेशानी को समझना और समय पर मदद लेना जरूरी कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बातचीत करने की जरूरत पर जोर दिया गया। कई बार लोग तनाव या दूसरी मानसिक परेशानियों से जूझते हैं, लेकिन दूसरों से अपनी बात साझा नहीं कर पाते। ऐसे में परिवार और दोस्तों की भूमिका अहम हो जाती है। लोगों की परेशानी को समझना, उनकी बात ध्यान से सुनना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। डॉक्टरों और शिक्षाविदों ने लिया हिस्सा कार्यक्रम में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. सुसाना याराशा जॉन, मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, स्टार हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. वजाहत करीम, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुहैता करीम, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की डॉ. शिल्पा मल्ल और डॉ. कंचन शामिल हुईं। इसके अलावा सेंट पॉल्स स्कूल के निदेशक रेव. गिरीश चंद्रा ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। अलग-अलग क्षेत्रों से आए इन विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य और लोगों के बेहतर जीवन से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देना है उद्देश्य ‘द SDG टेबल 2.0’ में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-3 यानी ‘अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण’ पर विशेष चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को स्थानीय स्तर पर लोगों से जोड़ना और उनके समाधान के लिए मिलकर प्रयास करना है। कार्यक्रम में केवल मानसिक बीमारी के इलाज ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने और उन्हें भावनात्मक सहयोग देने की जरूरत पर भी चर्चा की गई। डॉ. अमरीश चंद्रा की पहल पर हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन हाउस ऑफ MOSAIC के संस्थापक डॉ. अमरीश चंद्रा की पहल पर किया गया। उन्हें ‘एसडीजी मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जाना जाता है। इस मंच के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक साथ लाकर समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का प्रयास किया गया।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए समाज की भागीदारी जरूरी
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी केवल डॉक्टरों की नहीं है। परिवार, स्कूल, सामाजिक संगठन और आम लोग भी इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं। मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करना, उनकी बात सुनना और जरूरत पड़ने पर सही मदद दिलाना जरूरी है। हाउस ऑफ MOSAIC की इस पहल का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाना और समाज में सहयोग की भावना बढ़ाना है। कार्यक्रम के जरिए लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि मानसिक परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय अपनी बात साझा करना और समय पर मदद लेना जरूरी है।
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