गोरखपुर में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया:16 अक्टूबर तक सभी ऑनलाइन काम रहेंगे ठप, बोले- मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा
गोरखपुर सदर तहसील के लेखपालों ने लंबे समय से अपनी मांगों के पूरा होने का इंतजार कर रहे अब आंदोलन शुरू कर दिया है। लेखपालों ने अपनी मांगों के समर्थन में गुरुवार से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर दिया है।इसके चलते आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों के सत्यापन एवं निस्तारण के साथ कृषि बीमा से जुड़े ऑनलाइन कार्य प्रभावित होंगे। लेखपालों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन फिलहाल 16 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसके बाद भी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। आश्वासन के बाद भी नहीं बनी बात सदर तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार राय ने बताया कि लेखपालों की कई मांगें वर्ष 2014 से लगातार लंबित हैं। उनका कहना है कि पिछली सरकार के समय भी इन मांगों को लेकर लेखपालों की ओर से आवाज उठाई गई थी और समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं। सरकार बदलने के बाद भी लेखपालों को उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन और राजस्व परिषद के सामने लगातार अपनी समस्याएं रखी जा रही हैं, लेकिन लेखपालों को अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। इसी वजह से अब संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया है। वेतन विसंगति बनी सबसे बड़ी मांग लेखपालों की सबसे प्रमुख मांग वेतन विसंगति को दूर करने की है। अनिल कुमार राय ने बताया कि लेखपालों को 2400 ग्रेड पे मिल रहा है, जबकि उनसे कनिष्ठ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 2800 ग्रेड पे दिया जा रहा है। लेखपालों का कहना है कि उनकी जिम्मेदारियां काफी महत्वपूर्ण हैं और राजस्व से जुड़े कई जरूरी कार्य उनकी जिम्मेदारी में आते हैं। इसके बावजूद वेतनमान में इस तरह की विसंगति बनी हुई है। संघ की मांग है कि सरकार इस वेतन विसंगति को दूर करते हुए लेखपालों को भी उचित वेतनमान और ग्रेड पे का लाभ दे।
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