गोरखपुर में राप्ती नदी का जलस्तर घटने लगा:लोगों को मिली राहत, प्रशासन का 24 घंटे कंट्रोल रूम चालू
नेपाल और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर गोरखपुर में अब भी देखने को मिल रहा है। हालांकि पिछले तीन दिनों में नदियों के जलस्तर में थोड़ी गिरावट आई है, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। खासकर राप्ती नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे प्रशासन और लोगों की चिंता बनी हुई है। सोमवार सुबह बर्डघाट पर राप्ती नदी का जलस्तर 75.140 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां खतरे का निशान 74.98 मीटर है, यानी नदी अभी भी करीब 0.16 मीटर ऊपर बह रही है। पिछले 24 घंटों में जलस्तर में थोड़ी गिरावट जरूर आई है, लेकिन यह राहत अभी पूरी तरह सुरक्षित स्थिति का संकेत नहीं है। अगर ऊपर के इलाकों में फिर से तेज बारिश होती है तो जलस्तर दोबारा बढ़ सकता है। तस्वीरें देखिए… लोगों ने ली राहत की सांस राप्ती के मुकाबले रोहिनी नदी में हालात बेहतर हुए हैं। त्रिमुहानी घाट पर रोहिनी का जलस्तर तेजी से घटा है और अब यह खतरे के निशान से करीब 2 मीटर नीचे पहुंच गया है। इससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत मिली है और पानी का दबाव भी कम हुआ है। नदियों का जलस्तर भले थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन शहर और गांव के कई निचले इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है। घरों के आसपास पानी जमा है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत हो रही है। कई जगहों पर सड़कों पर पानी होने से आवाजाही प्रभावित है। खेतों में पानी भरने से फसलें खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पशुपालकों को भी चारे और पशुओं को सुरक्षित जगह ले जाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन अभी भी अलर्ट मोड में
जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। 24 घंटे कंट्रोल रूम चालू रखा गया है और राहत-बचाव टीमें पूरी तरह तैयार हैं। संवेदनशील तटबंधों और इलाकों में अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। नेपाल की बारिश बनी हुई है सबसे बड़ी चिंता
गोरखपुर के लिए सबसे बड़ी चिंता नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश है। इन इलाकों से आने वाला पानी राप्ती और अन्य नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ा सकता है। इससे तटबंधों पर दबाव बढ़ने और कटान का खतरा भी बना हुआ है। सिंचाई विभाग की टीमें लगातार तटबंधों की निगरानी कर रही हैं। फिलहाल जलस्तर में आई गिरावट से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालात सामान्य होने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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