गोरखपुर में उतरने लगा बाढ़ का पानी:खतरे के निशान से नीचे आई राप्ती- रोहिन का जलस्तर भी घटा, निचले इलाके अब भी प्रभावित

Oct 09, 2026 - 18:35
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गोरखपुर में उतरने लगा बाढ़ का पानी:खतरे के निशान से नीचे आई राप्ती- रोहिन का जलस्तर भी घटा, निचले इलाके अब भी प्रभावित
गोरखपुर में बाढ़ के संकट के बीच राहत मिलने लगी है। नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद उफान पर पहुंची राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर अब घटने लगा है। राप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे आ गई है, जबकि रोहिन का जलस्तर भी कम हुआ है। शुक्रवार को बर्डघाट पर राप्ती का जलस्तर 74.340 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 74.98 मीटर से 64 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, त्रिमुहानी घाट पर रोहिन का जलस्तर 79.970 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से करीब 2.47 मीटर नीचे है। दोनों नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत की उम्मीद है। हालांकि, शहर और गांवों के कई निचले इलाकों में अब भी पानी भरा है। प्रशासन ने तटबंधों और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी जारी रखी है। राप्ती का जलस्तर 8 सेंटीमीटर घटा बर्डघाट पर शुक्रवार को राप्ती नदी का जलस्तर 74.340 मीटर दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार को यह 74.420 मीटर था। यानी 24 घंटे में जलस्तर 8 सेंटीमीटर कम हुआ। नदी का खतरे का निशान 74.98 मीटर है। फिलहाल राप्ती इस निशान से 64 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। त्रिमुहानी घाट पर शुक्रवार को रोहिन नदी का जलस्तर 79.970 मीटर रहा। गुरुवार को यह 79.990 मीटर दर्ज किया गया था। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर 2 सेंटीमीटर घटा। रोहिन का खतरे का निशान 82.44 मीटर है। फिलहाल नदी इससे करीब 2.47 मीटर नीचे बह रही है। निचले इलाकों में अब भी जलभराव नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने से गोरखपुर के कई गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। कई जगहों पर पानी घरों के आसपास तक पहुंच गया था। इससे लोगों के रोजमर्रा के कामकाज और आवागमन पर असर पड़ा। अब नदियों का जलस्तर घटने से हालात सुधरने की उम्मीद है। हालांकि, कई इलाकों में जमा पानी के कारण लोगों की परेशानी बनी हुई है। पानी निकलने के बाद ही इन क्षेत्रों में स्थिति सामान्य हो सकेगी। तटबंधों पर निगरानी, नेपाल की बारिश पर नजर बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों और संवेदनशील तटबंधों की निगरानी कर रहा है। कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने और राहत-बचाव टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर में बाढ़ की स्थिति नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बारिश पर भी निर्भर करती है। वहां दोबारा तेज बारिश होने पर नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में जलस्तर घटने के बावजूद लोगों को सतर्क रहने और नदी के आसपास जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

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