गोरखपुर विश्वविद्यालय में फार्मेसी शिक्षा पर चर्चा:कुलपति ने परखे शिक्षकों के शोधकार्य, उद्योग आधारित कोर्स शुरू करने निर्देश
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. ए.के. निगम एवं अन्य 12 शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक एवं शोध संबंधी कार्यों का अवलोकन किया। इस अवसर पर आयोजित विभागीय संवाद में उन्होंने फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों को औषधि उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने पर जोर दिया। कुलपति ने कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थियों को नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ना समय की मांग है। इसके लिए संस्थान में शोधपरक एवं उद्योगोन्मुखी पाठ्यक्रम विकसित करने के साथ उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नियमित शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। गुणवत्ता नियंत्रण, औषधि विश्लेषण तथा अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अतिरिक्त व्यावसायिक ज्ञान और व्यावहारिक दक्षता प्रदान कर सकते हैं। प्रो. सिंह ने अकादमिक उत्कृष्टता के साथ नवाचार और कौशल-आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि शिक्षा को उद्योग की वर्तमान जरूरतों से जोड़कर विद्यार्थियों को बेहतर व्यावसायिक अवसरों के लिए तैयार किया जा सकता है।
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