गोरखपुर विश्वविद्यालय शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि:उर्दू विभाग के 2 छात्र सफल, ऑनलाइन वाइवा परीक्षा में पूछे गए सवाल
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के शोधार्थी मोइन हारिस और नजमुल हुदा को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। दोनों ने उर्दू विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महबूब हसन के निर्देशन में अपना शोध पूरा किया। उनकी पीएचडी का मौखिक परीक्षण (वाइवा) 15 अक्टूबर को ऑनलाइन आयोजित हुआ। बाह्य परीक्षक के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अब्बास रज़ा नय्यर शामिल हुए। डॉ. महबूब हसन ने शोध विषयों का परिचय देते हुए उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राजवंत राव ने दोनों शोधार्थियों को बधाई दी। मोइन हारिस ने ‘आज़ादी के बाद उर्दू गद्य में व्यंग्य और हास्य’ तथा नजमुल हुदा ने ‘उर्दू उपन्यासों और कहानियों में पलायन’ विषय पर शोध-प्रबंध प्रस्तुत किया। वाइवा के दौरान परीक्षक ने शोध-प्रबंधों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। डॉ. महबूब हसन ने भी दोनों शोधार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम से ही प्रगति संभव है।
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