गोरखपुर विवि में कुलपति ने समीक्षा बैठक:प्रतिष्ठित शोध पत्रिका पूर्वा होगी शुरू, इलेक्शन स्टडीज प्रोग्राम को मिला विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने विभागों की समीक्षा बैठक में प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग और राजनीति विज्ञान विभाग की अकादमिक गतिविधियों, शोध कार्यों और भावी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागों की उपलब्धियों की सराहना की और अकादमिक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने तथा शोध एवं अध्ययन की नई संभावनाओं को विकसित करने पर जोर दिया। कुलपति ने निर्देश दिया कि विभाग में पूर्व में प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित शोध पत्रिका पूर्वा का प्रकाशन पुनः जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि शोध पत्रिकाएं किसी भी अकादमिक विभाग की बौद्धिक पहचान और शोध परंपरा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कुलपति ने संग्रहालय को विकसित करने और उसकी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व से संबंधित धरोहरों के संरक्षण, अध्ययन और प्रदर्शन के माध्यम से संग्रहालय को अकादमिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाना चाहिए। इस अवसर पर अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव, विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी सहित विभाग के सभी शिक्षकों ने विभागीय गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। राजनीति विज्ञान विभाग की समीक्षा के दौरान विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीकांत पांडेय ने विभाग की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर अन्य शिक्षकों ने भी अपने-अपने विषयों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। कुलपति ने इलेक्शन स्टडीज प्रोग्राम को फिर से जारी रखने और स्थायी स्वरूप प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
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