ग्रामीण बोले-पंचायत भवन में CSC का सामान था ही नहीं:ढाई लाख की चोरी का दावा गलत, डीएम दफ्तर पहुंचे 50 से ज्यादा लोग
कानपुर देहात में आंऊगी गांव के अधूरे पंचायत भवन और CSC सामान को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को डीएम कार्यालय के बाहर देखने को मिला। करीब 50 से ज्यादा ग्रामीण दोपहर 1 बजे अपनी शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे थे। ग्रामीणों की शिकायत पंचायत भवन में वर्ष 2023 से पड़े बताए जा रहे CSC सामान, उसकी कथित चोरी और पहले की शिकायतों के निस्तारण में सामने आए विरोधाभास को लेकर है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2023 में पंचायत भवन और ग्रामीणों की सुविधा के लिए CSC का सामान आया था, लेकिन लंबे समय तक उसका उपयोग नहीं हुआ। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत भवन में यह सामान वास्तव में मौजूद ही नहीं था और ग्रामीणों को CSC की सुविधाएं भी नहीं मिलीं। इसके अलावा पंचायत भवन में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं। प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि 4 अक्टूबर की रात पंचायत भवन में बिजली की सुविधा लगाई गई, तो इतने समय तक वहां CSC की सुविधाएं किस तरह संचालित हो रही थीं। वहीं 5 अक्टूबर को अचानक करीब 2.50 लाख रुपये के CSC सामान के चोरी होने की बात सामने आई और पुलिस को सूचना व शिकायत दिए जाने की बात कही गई। ग्रामीण इसी बात की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं कि चोरी से पहले सामान वास्तव में कहां था और किसके कब्जे में था। इसी शिकायत को लेकर ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन सुनवाई न होने से नाराज होकर वे कार्यालय के बाहर ही बैठ गए और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे। इसी दौरान बीजेपी जिलाध्यक्ष रेणुका सचान डीएम से मिलने पहुंचीं। करीब 15 मिनट बाद सपा जिलाध्यक्ष बबलू राजा और पूर्व सांसद राजाराम पाल भी डीएम से मिलने पहुंचे और सीधे कार्यालय के अंदर चले गए। नेताओं को अंदर जाता देख ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने कहा कि नेता हैं तो सीधे अंदर जाकर डीएम से मिल रहे हैं, लेकिन जिनके वोट लेकर ये नेता बनते हैं, उसी जनता को डीएम से मिलने तक नहीं दिया जा रहा।
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