गुजरात सड़क हादसे में सीतापुर के 5 मजदूरों की मौत:सीतापुर में शव देर रात तक पहुंचेंगे, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दुख जताया
गुजरात के भुज में शुक्रवार सुबह हुए सड़क हादसे ने सीतापुर के रामपुरमथुरा क्षेत्र के पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं। रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात गए पांच मजदूरों की मौत से गांवों में मातम पसरा है। किसी की शादी को महज पांच महीने हुए थे, तो कोई तीन बच्चों को बेसहारा छोड़ गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और डीएम ने हादसे पर दुख जताया है। प्रशासन के मुताबिक, पांचों के शव शनिवार देर रात तक पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है। गौने से पहले उजड़ा कुलदीप का संसार जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के बिंद्रापुरवा मजरा खनेवा मितौरा निवासी कुलदीप (26) तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। पांच महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी, लेकिन पत्नी का गौना भी नहीं आया था। परिवार के पास तीन बीघा जमीन है। आर्थिक तंगी के कारण कुलदीप करीब दस साल से गुजरात में मजदूरी कर रहे थे। चार महीने पहले गांव से काम पर लौटे थे। हादसे से एक दिन पहले सुबह उनकी परिजनों से फोन पर बात हुई थी। ड्यूटी पर जाने में देर होने की बात कहकर उन्होंने बाद में फोन करने को कहा था। यह उनकी आखिरी बातचीत साबित हुई। संदीप के तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया इसी गांव के संदीप (33) करीब दो महीने पहले पहली बार कमाने गुजरात गए थे। उनके पीछे पत्नी रेनू देवी और तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा सचिन 16 वर्ष, दूसरा हंसमुख सात वर्ष और सबसे छोटा बच्चा महज दस महीने का है। तीन बीघा जमीन और झोपड़ी में गुजर-बसर करने वाले परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब रेनू के सामने बच्चों की परवरिश और भविष्य की जिम्मेदारी है। देशराज, वीरेश और अमित की मौत से परिवार बेसहारा खनेवा निवासी देशराज (40) माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनकी पत्नी माधुरी और तीन बच्चे बब्लू, शैलेंद्र और खुशबू हैं। उनकी मौत से परिवार ने अपना सहारा खो दिया। वहीं, धौरहरा के मजरा पासिन पुरवा निवासी वीरेश (22) की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। अमित कुमार (26) भी इसी मजरे के निवासी थे। उनके पीछे एक बेटी है। मरने वालों की फोटो-
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