हरदोई में ट्रेडिंग के नाम पर ₹1.25 करोड़ की ठगी:4 मुख्य आरोपियों समेत कई युवक-युवतियों पर केस
हरदोई जनपद में ट्रेडिंग बिजनेस के नाम पर भोले-भाले लोगों और छात्रों को अपना शिकार बनाने वाले संगठित गिरोह का मामला सामने आया है। इस मामले में महिला समेत 4 नामजद और अज्ञात युवक युवतियों पर केस दर्ज किया गया है। पीड़ितों के साथ कुल लगभग सवा करोड़ रुपये (₹1.25 करोड़) की ठगी का गंभीर आरोप लगाया गया है। केस दर्ज कराने वाले शुभम दीक्षित ने सोमवार की शाम 5:21 पर जानकारी दी है। पीड़ित के अनुसार, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 6 जुलाई 2015 को लखनऊ में उनका नवजात बच्चा एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक फ्लैट में रहने वाले विजय शंकर शुक्ला से हुई। आरोपी ने ट्रेडिंग बिजनेस में मोटे मुनाफे का लालच देकर और 100प्रतिशत अमाउंट रिटर्न की गारंटी का झांसा देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। धीरे-धीरे पीड़ित से विभिन्न माध्यमों से लगभग 21लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी विजय शंकर शुक्ला अपनी गर्लफ्रेंड अंजना पाठक के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को चला रहा था। आरोपी के पास एक से अधिक फर्जी पहचान पत्र और दर्जन भर सिम कार्ड होने की बात कही जा रही है। इस गिरोह ने केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि कई अन्य छात्रों और युवाओं—जैसे निशांत त्रिपाठी, उत्कर्ष मिश्रा और आयुष दीक्षित—को भी अपना शिकार बनाया है। पीड़ितों का आरोप है किबिलग्राम निवासी दो अन्य युवक—शुभनारायण मिश्रा और निर्भय प्रताप सिंह—भी इसी तर्ज पर सक्रिय हो गए। इन लोगों ने अपनी साख का फायदा उठाकर महाराष्ट्र की एक फर्जी कंपनी (GEPL Capital India Limited) का नाम लेकर कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। इस प्रकार कुल 4मुख्य आरोपियों (विजय शंकर शुक्ला, अंजना पाठक, शुभनारायण मिश्रा और निर्भय प्रताप सिंह) के इस संगठित गिरोह द्वारा लगभग ₹1.25 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया गया है। पीड़ितों के पास आरोपियों से जुड़ी व्हाट्सएप चैटिंग, कॉल रिकॉर्डिंग, वीडियो और बैंक ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। कोतवाल विजय कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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