IAS रिंकू सिंह की सुरक्षा शिकायत पर राज्यपाल कार्यालय सख्त:DGP को जांच और उरई कोतवाल पर कार्रवाई के निर्देश; परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने को कहा
जालौन में एसडीएम न्यायिक IAS रिंकू सिंह राही की सुरक्षा से जुड़ी शिकायत पर राज्यपाल कार्यालय ने संज्ञान लिया है। राज्यपाल के विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता ने DGP को पत्र भेजकर जांच के निर्देश दिए हैं। इसमें यह पता लगाने को कहा गया है कि रिंकू सिंह राही की ओर से 19 अगस्त को उरई कोतवाली में दी गई तहरीर आखिर पुलिस ने प्राप्त क्यों नहीं की। राज्यपाल कार्यालय ने मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के साथ ही रिंकू सिंह राही और उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं। पत्र में उरई कोतवाल आनंद कुमार सिंह के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए भी कहा गया है। वहीं, रिंकू सिंह राही ने लेटर को X पर शेयर करते हुए लिखा- अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी उच्च स्तर से मिले निर्देशों का पालन करते हैं या फिर हर बार की तरह उसे रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं। 19 अगस्त की तहरीर को लेकर जांच रिंकू सिंह राही ने सोमवार दोपहर 3:24 बजे सोशल मीडिया X पर राज्यपाल कार्यालय के पत्र की जानकारी साझा की। पत्र में लिखा है कि रिंकू सिंह की तहरीर की जांच की जाए। जांच में यह देखा जाना है कि 19 अगस्त को दी गई तहरीर पुलिस ने नियमानुसार प्राप्त क्यों नहीं की गई। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि इसमें लापरवाही किस स्तर पर हुई। रिंकू सिंह ने लिखा- अब लगता है कि बर्खास्त कर दें, तो लड्डू बांटूंगा रिंकू सिंह राही ने इस लेटर को X पर शेयर करते हुए लिखा- उनके अनुरोध पर उच्च स्तर से संज्ञान लिया गया है। मामले को संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजा गया है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी उच्च स्तर से मिले निर्देशों का पालन करते हैं या फिर हर बार की तरह उसे रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं। रिंकू सिंह राही ने लिखा- हालांकि, मुझे भी यह देखना है कि मेरी तहरीर पर मुकदमा दर्ज होता है या नहीं। जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए ऐसा कई बार हुआ। अब शायद IAS अधिकारी के रूप में भी यही अनुभव होना है। और भी बहुत कुछ है, जो अभी साझा नहीं किया है। यदि मैं ‘देशभक्त टाइप’ का न रहूं, तो शायद कोई समस्या ही नहीं होगी। सब कुछ बहुत सही लगेगा। बस यही नहीं हो पा रहा, क्योंकि शायद नौकरी मेरे लिए साध्य नहीं, केवल एक माध्यम मात्र है। सोचकर शर्म आती है कि एक IAS अधिकारी की तहरीर पर भी FIR/NCR तक की कार्रवाई न हो। ऐसी और भी बहुत-सी बातें हैं। अब तो कभी-कभी लगता है कि बर्खास्त कर दें, तो शायद लड्डू बांटूंगा। 2009 में मुजफ्फरनगर में हुआ था हमला रिंकू सिंह राही ने अपनी शिकायत में सुरक्षा को लेकर आशंका जताई थी। उन्होंने वर्ष 2009 की उस घटना का भी जिक्र किया, जब मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान उन पर आत्मघाती हमला हुआ था। इसमें उन्हे 7 गोलियां लगी थीं। इसी पुराने संदर्भ के साथ उन्होंने वर्तमान सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- आकाश आनंद 31 दिन बाद फिर बसपा के राष्ट्रीय संयोजक:मायावती ने भतीजे को 3 बार पद से हटाया, ससुर ने राजनीति छोड़ी तब पद दिया बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को 31 दिन बाद पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। 3 सितंबर को उन्हें पद से हटाया था। तब उन्होंने कहा था- आकाश को अभी और अधिक मैच्योर होने की जरूरत है। मायावती अभी तक 3 बार आकाश को पद से हटा चुकी हैं। तीनों बार उन्हें वापस पद दिया गया है। इस बार आकाश के ससुर के राजनीति संन्यास के ऐलान के बाद उन्हें फिर से जिम्मेदारी दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)