आईआईटी बॉम्बे छात्र की मौत पर अभिजीत दीपके का बड़ा सवाल, ‘कितने छात्रों को जान गंवानी पड़ेगी

छात्र की मौत और परीक्षा में मोबाइल/चैटजीपीटी के इस्तेमाल से जुड़े घटनाक्रम की आधिकारिक जांच जारी है, इसलिए खबर में कारण के संबंध में किसी निष्कर्ष को तथ्य के रूप में पेश नहीं किया गया है।

Sep 19, 2026 - 12:53
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आईआईटी बॉम्बे छात्र की मौत पर अभिजीत दीपके का बड़ा सवाल, ‘कितने छात्रों को जान गंवानी पड़ेगी

दि राइजिंग न्यूज | मुंबई | 19 सितंबर 2026

मुंबई स्थित आईआईटी बॉम्बे में दूसरे वर्ष के एक छात्र की आत्महत्या से मौत के बाद परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया। संस्थान के अनुसार, छात्र को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था और उसने प्रश्नपत्र के उत्तर पाने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया था। घटना के बाद छात्रों ने प्रशासन से मामले की जांच और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की।

आईआईटी बॉम्बे छात्र की मौत के बाद उठे सवाल

आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर में शुक्रवार को ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के दूसरे वर्ष के एक छात्र की मौत हो गई। संस्थान की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, उसी दिन परीक्षा के दौरान छात्र को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद उसने छात्रावास के कमरे में आत्महत्या कर ली। मामले की परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं।

परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर डालने का दावा

आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, छात्र ने परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को चैटजीपीटी पर डालकर उसके उत्तर हासिल करने का प्रयास किया था। संस्थान ने कहा कि इस घटना के बाद छात्र के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत की तथा उसे समझाया था कि इस घटना का उसके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

छात्र की मौत के बाद परिसर में प्रदर्शन

छात्र की मौत की खबर सामने आने के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के अनुसार, चार सौ से अधिक छात्र प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रशासन से घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की मांग की। विरोध के बीच चल रही मध्यावधि परीक्षाओं को भी स्थगित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अभिजीत दीपके ने उठाया छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा

इस मामले पर नागरिक अधिकार संगठन से जुड़े अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर लिखते हुए कहा कि दूर-दराज के आदिवासी क्षेत्रों में भी छात्रों की मौत हो रही है और मुंबई जैसे बड़े शहर में भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने छात्र जीवन और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि छात्रों की जिंदगी को प्राथमिकता देने से पहले आखिर कितने छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी?

संस्थान ने क्या कहा

आईआईटी बॉम्बे ने छात्र की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि घटना से प्रभावित उसके मित्रों, सहपाठियों, शिक्षकों और अन्य लोगों को आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा में मोबाइल के इस्तेमाल से जुड़ी घटना के बाद छात्र के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी। मामले से जुड़ी परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है।

छात्रों के बीच बढ़ी चिंता

घटना के बाद परिसर में छात्रों के बीच शैक्षणिक दबाव, परीक्षा व्यवस्था और छात्र कल्याण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन से ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर सहायता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस और संबंधित अधिकारी छात्र की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।

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