IIT कानपुर की तकनीक को बाजार में लाएगा IIM बेंगलुरु:पहले समूह में रक्षा और एयरोस्पेस की तकनीकों पर रहेगा फोकस
रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक रूप देने के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईएम बेंगलुरु के बिजनेस इनक्यूबेटर एनएसआरसीईएल ने हाथ मिलाया है। दोनों संस्थानों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी विशेषज्ञता, अनुसंधान सुविधाओं, बाजार की जरूरतों को समझने और कारोबार बढ़ाने में मदद दी जाएगी। साझेदारी की शुरुआत आईआईटी कानपुर की उद्यम विकास पहल स्केल के डीप-टेक एक्सेलरेटर SCALE Catapult से होगी। पहले चरण में रक्षा, एयरोस्पेस और इनसे जुड़ी दोहरे उपयोग वाली तकनीकों पर काम करने वाले स्टार्टअप्स पर फोकस रहेगा। लैब में डेवलप तकनीकों को बाजार तक पहुंचाना इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य लैब और रिसर्च इंस्टीट्यूट्स में विकसित तकनीकों को वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर बाजार तक पहुंचाना है। इसके तहत स्टार्टअप्स को अपनी तकनीक का सत्यापन करने, संभावित ग्राहकों की जरूरतें पहचानने, बाजार में उत्पाद की उपयोगिता परखने और व्यावसायिक मॉडल मजबूत करने में सहयोग मिलेगा। इससे शुरुआती चरण के उद्यमों को तकनीकी विकास से आगे बढ़कर व्यावसायीकरण और विस्तार की दिशा में बढ़ने का अवसर मिलेगा। आईआईटी व आईआईएम ऐसे करेंगे काम आईआईटी कानपुर का स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) टेक्नोलॉजी बेस्ड उद्यमों को विकसित करने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने में सहयोग करता है। इसी इकोसिस्टम के तहत स्केल उद्यम विकास की पहल है और स्केल Catapult डीप-टेक स्टार्टअप्स को गति देने के लिए काम करता है। वहीं, एनएसआरसीईएल का अनुभव उद्यमों को बाजार के लिए तैयार करने और उनके विस्तार में मददगार होगा। दोनों संस्थान अपनी पूरक क्षमताओं का इस्तेमाल कर तकनीकी नवाचार और कारोबार के बीच की दूरी कम करने का प्रयास करेंगे। मजबूत इकोसिस्टम होगा डेवलप एमओयू पर आईआईटी कानपुर के अधिष्ठाता, अनुसंधान एवं विकास प्रो. जयंधरन गिरिधर राव और NSRCEL, आईआईएम बेंगलुरु की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रसिका प्रशांत ने हस्ताक्षर किए। प्रो. राव ने कहा कि संस्थान में विकसित डीप-टेक नवाचारों को बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रास्ते तैयार करना प्राथमिकता है। यह सहयोग अनुसंधान संस्थानों से निकलने वाले तकनीक आधारित उद्यमों के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने में मदद करेगा। रसिका प्रशांत ने कहा कि यह पहल रक्षा और एयरोस्पेस क्षमताओं को मजबूत करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है। दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता से रणनीतिक महत्व के क्षेत्रों में अगली पीढ़ी के डीप-टेक नवप्रवर्तकों को आगे बढ़ाने के अवसर तैयार होंगे।
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