नवरात्र की अनोखी साधना, कीलों की शैया पर लेटी महिला:कौशांबी में ग्रामीण कर रहे पूजा-अर्चना, आसपास के गांव से पहुंच रहे लोग

Oct 14, 2026 - 15:24
0
नवरात्र की अनोखी साधना, कीलों की शैया पर लेटी महिला:कौशांबी में ग्रामीण कर रहे पूजा-अर्चना, आसपास के गांव से पहुंच रहे लोग
कौशांबी में शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के भक्त अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार पूजा-पाठ कर रहे हैं। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद भरवारी के अमहा गांव में एक महिला लोहे की कीलों से बनी शैया पर लेटकर कठिन तपस्या कर रही हैं। उनकी इस साधना को देखने के लिए गांव के साथ आसपास के इलाकों से भी लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीण उन्हें माता रानी का स्वरूप मानकर सुबह-शाम पूजा-अर्चना कर रहे हैं। प्रतापगढ जनपद के पुन्नेमऊ गांव की रहने वाली फोटो उर्फ सुदेश्वरी दुर्गा पिछले चार वर्षों से तपस्या कर रही हैं। इस बार वह अपनी बहन शिमला देवी के घर अमहा गांव आई हुई हैं, जहां उनकी साधना जारी है। दिनभर लोग उनकी तपस्या देखने पहुंचते हैं। शाम होते ही गांव का माहौल भक्तिमय हो जाता है और माता रानी के जयकारे गूंजने लगते हैं। सपने में माता रानी के दर्शन के बाद शुरू की तपस्या दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में फोटो उर्फ सुदेश्वरी दुर्गा ने बताया कि करीब 4 वर्ष पहले वह गंभीर बीमारी से परेशान थीं। उनके मुताबिक, काफी इलाज कराने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। इसी दौरान मां दुर्गा उनके सपने में आईं और उन्हें तपस्या करने के लिए कहा। महिला का दावा है कि इसके बाद उन्होंने मां की आराधना शुरू की और बीमारी से जुड़ी परेशानियां दूर हो गईं। तभी से वह लगातार साधाना कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से वह अपने गांव में ही तपस्या कर रही थीं। इस बार बहन के घर अमहा गांव में साधना कर रही हैं। महिला की साधना का तरीका ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वह लोहे की कीलों से बनी शैया पर लेटकर तपस्या करती हैं। इसके अलावा शाम के समय कीलों वाली शैया से जुड़े झूले पर झूलती भी हैं। उनकी साधना को देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User