इलाहाबाद-झांसी MLC चुनाव में डॉ. मानसिंह यादव v/s मानसिंह यादव:सपा प्रत्याशी ने कहा- भाजपा ने उनके सामने बकरी चराने वाले को खड़ा किया
उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्नातक एमएलसी चुनावों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प और तीखे राजनीतिक संघर्ष के मोड़ पर पहुंच गया है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार दांव-पेंच देखने को मिल रहे हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार डॉ. मानसिंह यादव ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में भारतीय जनता पार्टी पर बेहद गंभीर और तीखे हमले किए हैं। डॉ. यादव ने खुलकर आरोप लगाया है कि भाजपा अपनी संभावित हार से बौखलाकर ओछी राजनीति पर उतर आई है और उनके वोट काटने के लिए एक ऐसे व्यक्ति को मैदान में खड़ा कर दिया है जो बेचारा बकरी चराता है। चुनावी मुद्दों, पुरानी पेंशन, पेपर लीक और विरोधियों के षड्यंत्रों पर सपा प्रत्याशी ने बेबाकी से अपनी बात रखी है। प्रस्तुत है डॉ. मानसिंह यादव के साथ इस विस्तृत इंटरव्यू के प्रमुख अंश: सवाल: इस चुनाव में आपके सामने एक ही नाम के दूसरे प्रत्याशी को उतारे जाने को आप किस रूप में देखते हैं? जवाब: यह भारतीय जनता पार्टी की एक सोची-समझाई और बेहद घिनौनी साजिश है। जब भाजपा के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई विकास कार्य, विजन या मुद्दा नहीं बचता, तो वह इस तरह के ओछे हथकंडे अपनाने पर मजबूर हो जाती है। उन्होंने मेरे नाम से मिलते-जुलते एक ऐसे व्यक्ति को मैदान में खड़ा कर दिया है जो बेचारा अपना गुजर-बसर करने के लिए बकरी चराता है। भाजपा ने जानबूझकर ऐसा डमी उम्मीदवार उतारा है ताकि मतदाताओं में भ्रम पैदा किया जा सके और हमारे वोट काटे जा सकें। लेकिन जनता इतनी नासमझ नहीं है कि वह इन सस्ती चालबाजियों में फंस जाए। वे अच्छी तरह जानती है कि असली और योग्य उम्मीदवार कौन है और भाजपा का यह षड्यंत्र पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। सवाल: आपकी चुनावी तैयारियां क्या हैं और यह चुनाव किन प्रमुख मुद्दों पर लड़ा जा रहा है?
जवाब: हमारी चुनावी तैयारी पूरी तरह से चाक-चौबंद और मजबूत है। यह स्नातक एमएलसी चुनाव पूरी तरह से गंभीर जनहित और बुनियादी मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। आज का हमारा 'Gen Z' युवा और स्नातक वोटर पूरी तरह से जागरूक हो चुका है, जिसे अब झूठे वादों और जुमलों से नहीं बरगलाया जा सकता। वह लगातार पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही भारी धांधली और अपने संवैधानिक हक-अधिकारों के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत हम पुरानी पेंशन बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों की बदहाली, 1.76 लाख शिक्षामित्रों के संकट, और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर जनता के बीच डटे हुए हैं। हमारा यह अभियान साल 2027 में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सवाल: भाजपा सरकार पर आपके क्या आरोप हैं और उन्होंने शिक्षकों व युवाओं के लिए अब तक क्या किया है?
जवाब: भाजपा के पास जनता को गिनाने के लिए एक भी सकारात्मक और जनहित का काम नहीं है। क्योंकि उन्होंने सिर्फ और सिर्फ जनता के अधिकार छीने हैं। आपको याद होगा कि सपा की सरकार ने अपने कार्यकाल में वित्तविहीन शिक्षकों को 200 करोड़ रुपये का बड़ा अनुदान दिया था और लगभग 1400 विद्यालयों को एडेड श्रेणी (सहायता प्राप्त) में लाकर हजारों युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरियां दी थीं। इसके विपरीत, भाजपा ने सत्ता में आते ही उन सारी कल्याणकारी व्यवस्थाओं को बंद कर दिया। साल 2018 से लगातार शिक्षक भर्तियों को लटकाया जा रहा है और हक मांगने वाले युवाओं पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। आज 69,000 शिक्षक भर्ती के पीड़ित और तमाम प्रतियोगी छात्र सड़क पर न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। भाजपा ने हमेशा शिक्षकों और स्नातकों के अधिकारों का गला घोंटने का काम किया है, और इस बार जनता चुनाव में इसका करारा हिसाब लेगी। सवाल: यदि आप जीतकर सदन में पहुंचते हैं, तो स्नातकों और बेरोजगारों के लिए आपकी क्या प्राथमिकताएं होंगी?
जवाब: जनता के आशीर्वाद से मैं दोबारा सदन में पहुंचता हूँ, तो स्नातकों, शिक्षकों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को सबसे बुलंद तरीके से लड़ूंगा। समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही बेरोजगार युवाओं के लिए भत्ता, लैपटॉप वितरण योजना और विभिन्न विभागों में बंद पड़े रोजगार के द्वार दोबारा खोले जाएंगे। हमारे युवाओं को आधुनिक आईटी हब से जोड़कर एक बेहतर, आत्मनिर्भर और रोजगारपरक भविष्य दिया जाएगा। इसके साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक सख्त और नियमित कैलेंडर बनवाया जाएगा ताकि भविष्य में कभी भी पेपर लीक जैसी महामारियों से हमारे छात्र-छात्राओं का भविष्य न बर्बाद हो। हम विधानसभा और विधान परिषद के पटल से लेकर सड़क तक हर उस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे जो युवाओं और शिक्षकों के सम्मान से जुड़ा हुआ है।
सवाल: विरोधियों की इन तमाम साजिशों और राजनीतिक चालों का मुकाबला आप किस प्रकार करेंगे?
जवाब: हमें इन ओछी साजिशों से डरने या घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि हमारा मुकाबला जनता के अपार विश्वास और समर्थन से है। हमारे नाम के आगे 'डॉ. मानसिंह यादव' और 'समाजवादी पार्टी' लिखा हुआ है, जो हमारी साफ-सुथरी पहचान और राजनीतिक प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है। हमारे मतदाता और युवा वर्ग आज इतने हाईटेक और समझदार हैं कि उन्हें यह समझने में दो मिनट भी नहीं लगता कि कौन असली संघर्ष करने वाला प्रत्याशी है और कौन भाजपा की कठपुतली या डमी है। बकरी चराने वाले को मैदान में खड़ा करके भाजपा अपनी असफलताओं और आसन्न हार को नहीं छिपा सकती। जनता इन ओछे षड्यंत्रों का करारा जवाब अपने वोटों के माध्यम से देगी और भाजपा की हर चाल को पूरी तरह से धूल चटा देगी।
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