इलाहाबाद विश्विविद्यालय में 170 घंटे से छात्रों की भूख हड़ताल:4 छात्र आमरण अनशन पर, कल छात्रों का महाजुटान का ऐलान
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही भूख हड़ताल सोमवार को आठवें दिन भी लगातार जारी है। 170 घंटे से अधिक समय बीत चुका है और छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं। आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए छात्रों ने कल यानी 6 अक्टूबर को 'छात्र महाजुटान' का आह्वान किया है। जिसमें बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित होकर अपनी सभी समस्याएं और मांगें विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। चार छात्र सच्चिदानंद, विवेक निषाद, आयुष और दीपक कुमार अनशन यानी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्रनेता आशुतोष मौर्य ने बताया कि छात्र-छात्राओं के इस तरह एकजुट होने से विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से दबाव में है। आंदोलन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है और साथ ही उन पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकियां भी दी जा रही हैं। मांगें और प्रशासन की स्थिति छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों को लेकर प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल या कदम नहीं उठाया जाता, तब तक यह आंदोलन यूं ही जारी रहेगा। छात्रों का आंदोलन मुख्य रूप से फीस वृद्धि, सीटों में कटौती, निलंबित छात्रों की बहाली और परिसर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर चल रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के निलंबन वापस लेने, केंद्रीय पुस्तकालय को सुबह 6 बजे से खोलने और छात्रसंघ भवन को आधिकारिक धरनास्थल चिह्नित करने पर सहमति जताई है, लेकिन छात्रों का कहना है कि मौखिक सहमति पर्याप्त नहीं है और उन्हें लिखित आदेश चाहिए। आंदोलन के दौरान कई अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने से कुछ छात्रों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसके दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तनातनी की स्थिति भी बनी। 6 अक्टूबर को होने वाले 'छात्र महाजुटान' में बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित होंगे छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन बड़े प्रदर्शन में बन जाएगा।
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