इस्लामाबाद पहुंचा भारतीय डेलीगेशन, पाक से किस मुद्दे पर हो रही हाईलेवल मीटिंग
भारतीय प्रतिनिधिमंडल शंघाई सहयोग संगठन की राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद पहुंचा है। बैठक में पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान होने वाले कार्यक्रमों और वर्ष 2027 में प्रस्तावित एससीओ शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हो रही है। भारत की ओर से एससीओ समन्वयक आलोक डिमरी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | इस्लामाबाद | 28 सितंबर 2026
भारत का प्रतिनिधिमंडल 28 सितंबर 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा है। यहां शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्रीय समन्वयकों की तीन दिवसीय बैठक में भारत हिस्सा ले रहा है। बैठक में पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान संगठन की आगामी गतिविधियों और वर्ष 2027 में होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हो रही है।
इस्लामाबाद में भारत-पाकिस्तान के बीच अहम बैठक
भारत का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा। यहां 28 से 30 सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक आयोजित की जा रही है। भारत की ओर से एससीओ के राष्ट्रीय समन्वयक आलोक डिमरी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। यह बैठक पाकिस्तान की 2026-27 की अध्यक्षता के तहत आयोजित हो रही है।
किस मुद्दे पर हो रही है बैठक
बैठक का मुख्य उद्देश्य शंघाई सहयोग संगठन की आगामी गतिविधियों और कार्यक्रमों के बीच समन्वय स्थापित करना है। इसमें पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान होने वाले कार्यक्रमों के कैलेंडर, आगामी बैठकों और संगठन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। बैठक में सदस्य देशों के राष्ट्रीय समन्वयक और संगठन के सचिवालय के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।
वर्ष 2027 में पाकिस्तान में होगा एससीओ शिखर सम्मेलन
पाकिस्तान ने 2026-27 के लिए शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता संभाली है। इसी अवधि के दौरान पाकिस्तान अगस्त 2027 में इस्लामाबाद में एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की बैठक की मेजबानी करेगा। मौजूदा राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक को अगले वर्ष होने वाले इस बड़े सम्मेलन की तैयारियों की दिशा में शुरुआती महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है।
पाकिस्तान की अध्यक्षता में किन क्षेत्रों पर जोर?र
पाकिस्तान ने अपनी अध्यक्षता के लिए क्षेत्रीय संपर्क, नवाचार और साझा समृद्धि को प्रमुख विषय बनाया है। इसके तहत क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और सदस्य देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पाकिस्तान का कहना है कि इन प्राथमिकताओं के जरिए संगठन की साझा योजनाओं को व्यावहारिक पहल में बदलने का प्रयास किया जाएगा।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक
भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के बावजूद भारत एससीओ की बहुपक्षीय प्रक्रिया में हिस्सा ले रहा है। मौजूदा बैठक मुख्य रूप से एससीओ के आधिकारिक कार्यक्रम और संगठनात्मक समन्वय से जुड़ी है। वर्ष 2024 के बाद यह भारतीय प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान यात्रा का महत्वपूर्ण उदाहरण है, क्योंकि बैठक का आयोजन इस्लामाबाद में किया जा रहा है।
क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान जाएंगे
वर्ष 2027 में पाकिस्तान में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि भारत की ओर से इसमें कौन प्रतिनिधित्व करेगा। पाकिस्तान की ओर से सभी सदस्य देशों के नेताओं को आमंत्रित किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले वर्ष इस्लामाबाद यात्रा को लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव का भी असर
भारत और पाकिस्तान के संबंधों में पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव बढ़ा था। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने की कार्रवाई की थी। ऐसे माहौल में दोनों देशों के अधिकारियों का एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंच पर एक साथ बैठक में शामिल होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, हालांकि मौजूदा बैठक का घोषित एजेंडा एससीओ से जुड़े विषयों तक सीमित है।
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