पश्चिम एशिया संकट: एक सप्ताह में 52 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौटे

पश्चिम एशिया संकट: एक सप्ताह में 52 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौटे

पश्चिम एशिया संकट: एक सप्ताह में 52 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौटे

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और सुरक्षा संकट के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार 1 मार्च से 7 मार्च 2026 के बीच 52,000 से अधिक भारतीय नागरिक खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया के अन्य क्षेत्रों से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।

सरकार ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हवाई मार्गों पर असर पड़ने के बावजूद भारतीय और विदेशी एयरलाइनों की मदद से लगातार उड़ानें संचालित की गईं, जिससे बड़ी संख्या में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा सका। आंकड़ों के अनुसार इनमें से करीब 32,000 से अधिक यात्री भारतीय एयरलाइनों से भारत लौटे, जबकि बाकी यात्रियों को विदेशी एयरलाइनों के माध्यम से लाया गया। 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। खास तौर पर उन भारतीयों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है जो वहां काम, पढ़ाई या यात्रा के दौरान फंस गए थे। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

इस पूरे अभियान के दौरान भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रभावित देशों में स्थित भारतीय मिशनों ने 24 घंटे हेल्पलाइन सेवाएं शुरू कीं, ताकि जरूरतमंद लोग मदद मांग सकें और अपने परिवारों से संपर्क बनाए रख सकें। इसके अलावा नई दिल्ली में भी एक विशेष नियंत्रण कक्ष (स्पेशल कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है, जो लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। 

हालांकि हजारों भारतीय अभी भी पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में मौजूद हैं। ऐसे में सरकार ने वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और भारतीय दूतावास द्वारा जारी सलाह का पालन करने को कहा है।

सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे हालात बदलते हैं, उसी के अनुसार आगे भी विशेष उड़ानों और अन्य माध्यमों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था जारी रहेगी।