इंस्टाग्राम पर फोटो देख विवाहिता को पीटकर घर से निकाला:सहारनपुर में दहेज में कार और 10 लाख मांगने का आरोप; बेटे को छीनकर बाहर निकाला, 5 पर FIR

Oct 12, 2026 - 08:08
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इंस्टाग्राम पर फोटो देख विवाहिता को पीटकर घर से निकाला:सहारनपुर में दहेज में कार और 10 लाख मांगने का आरोप; बेटे को छीनकर बाहर निकाला, 5 पर FIR
सहारनपुर में इंस्टाग्राम पर फोटो देखने के बाद जेठ ने विवाहिता से विवाद किया। आरोप है कि इसके बाद ससुराल में उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। पति समेत पांच ससुरालियों पर मारपीट, गाली-गलौज और दहेज में कार व 10 लाख रुपये मांगने का आरोप लगा है। विवाहिता का कहना है कि 24 अप्रैल 2026 की रात उसके साथ मारपीट कर कपड़े फाड़ दिए गए और बेटे को छीनकर घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने 18 मई 2026 को महिला थाने में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। इंस्टाग्राम पर फोटो को लेकर हुआ विवाद मंडी क्षेत्र के माधव वाटिका निवासी शगुन सिंघल की शादी 12 मार्च 2024 को मुजफ्फरनगर की भरतिया कॉलोनी निवासी अंकुश तायल से हुई थी। शिकायत के अनुसार, उसका जेठ अवनीश तायल इंस्टाग्राम पर उसकी फोटो देखने के बाद उससे झगड़ा करने लगा। उसने फोटो हटाने के लिए कहा और कथित तौर पर खुद को इंस्टाग्राम पर जोड़ने का दबाव बनाया। विवाहिता का आरोप है कि जेठ ने उसे धमकी दी कि उसे चैन से नहीं रहने दिया जाएगा। इसके बाद ससुराल में उसके साथ विवाद और प्रताड़ना बढ़ गई। शादी में 25 लाख खर्च करने का दावा, फिर भी दहेज के ताने शगुन के मुताबिक, शादी से पहले रोकने से लेकर विवाह तक उसके परिवार ने करीब 25 लाख रुपये खर्च किए थे। इसमें लगभग 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने, कपड़े और खाने-पीने की व्यवस्था शामिल थी। आरोप है कि ससुराल वालों ने सामान के नाम पर यूपीआई से करीब आठ लाख रुपये और दो लाख रुपये नकद भी लिए थे। इसके अलावा मायके वालों ने लगभग डेढ़ लाख रुपये का सामान उपहार में दिया था। विवाहिता का आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद उसे ताने दिए जाने लगे कि परिवार को उम्मीद थी कि उसके पिता शादी में कार और 10 लाख रुपये नकद देंगे। मांग पूरी नहीं होने पर पति और अन्य ससुरालियों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। खाना बनाने से लेकर व्रत रखने तक पर विवाद शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ससुराल वाले घर के काम में कमियां निकालकर गाली-गलौज करते थे। गोल रोटी नहीं बनने या अपनी मर्जी से खाना बनाने पर झगड़ा किया जाता था और कई बार खाना फेंक दिया जाता था। नवरात्र में व्रत रखने के बाद गेहूं की रोटी खाने पर भी उसे ताने दिए गए। मायके से किसी के आने पर विवाद होता था। विवाहिता का कहना है कि उसे भरपेट खाना नहीं दिया जाता था और बीमार होने पर भी काम कराया जाता था। 104 डिग्री बुखार होने के बावजूद उससे घर का काम कराने का आरोप है। गहने नहीं लौटाए, माफी मांगने के लिए मजबूर किया शगुन ने आरोप लगाया कि उसके सोने-चांदी के सभी गहने ससुराल वालों ने अपने पास रख लिए और मांगने पर वापस नहीं किए। उसे बार-बार बैग उठाकर मायके जाने के लिए कहा जाता था। आरोप है कि उससे माफी मंगवाई जाती थी और पैर पकड़ने के लिए मजबूर किया जाता था। सास-ससुर के साथ घूमने जाने को लेकर भी विवाद होता था। विवाहिता ने ननद पर ससुराल के मामलों में हस्तक्षेप करने और उसके कहने पर परिवार में झगड़े होने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, मौसी की शादी की सालगिरह में जाने को लेकर भी विवाद हुआ था। आरोप है कि जेठ ने उसे जाने से मना किया और उसके नहीं मानने पर जहर खा लिया। विवाहिता का दावा है कि उसके साथ कई बार गाली-गलौज और मारपीट की गई। इस मामले में चार से पांच बार पंचायत भी हुई, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। गर्भवती होने पर पति ने बच्चे को अपना मानने से किया इनकार शगुन के अनुसार, वह अपनी भतीजी के जन्मदिन पर मायके आई थी। पेट में दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाया तो गर्भवती होने की जानकारी मिली। आरोप है कि पति अंकुश को यह बात बताने पर उसने कहा कि वह गर्भवती हो ही नहीं सकती और बच्चा उसका नहीं है। विवाहिता ने यह भी आरोप लगाया कि गाजियाबाद स्थित फ्लैट में रहने के दौरान एक बार बाहर से लौटने पर उसे ताला लगा मिला। चाबी मांगने पर नहीं दी गई, जिसके कारण उसे कई दिन तक पीजी में रहना पड़ा। बाद में फ्लैट पर पहुंचने पर ससुराल वालों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की। आरोप है कि उसके बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा गया और घर से निकालने की धमकी दी गई। उल्टी होने पर उसका मजाक उड़ाने का भी आरोप लगाया गया है। भाई-भाभी से भी अभद्रता करने का आरोप शिकायत के अनुसार, भाई दूज पर शगुन के भाई और भाभी ससुराल आए तो उनके साथ गाली-गलौज कर उन्हें घर से भगा दिया गया। विवाहिता का आरोप है कि उसके माता-पिता को भी फोन पर अपशब्द कहे जाते थे। ससुराल वाले बार-बार कार और 10 लाख रुपये नकद की मांग पूरी नहीं होने पर उसे घर में नहीं रखने की धमकी देते थे। शगुन के मुताबिक, नवंबर 2025 में उसे मायके भेज दिया गया था। उसी महीने ससुराल पक्ष ने उसके परिवार से माफी मांगी, जिसके बाद परिजन उसे सोने-चांदी के गहनों के साथ वापस ससुराल छोड़ आए। विवाहिता ने 11 दिसंबर 2024 को बेटे कियांश को जन्म दिया था। 24 अप्रैल की रात मारपीट कर बेटे को छीनने का आरोप शगुन ने शिकायत में आरोप लगाया कि 24 अप्रैल 2026 की रात करीब 9 से 10 बजे ससुराल वालों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उसे बेइज्जत करने के लिए कपड़े फाड़ दिए और बेटे कियांश को उससे छीनकर घर से निकाल दिया। आरोप है कि उसे केवल पहने हुए कपड़ों में बाहर कर दिया गया और धमकी दी गई कि कार व 10 लाख रुपये नकद लाए बिना घर में घुसने नहीं दिया जाएगा। उसने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने कुछ कोरे कागजों और स्टांप पर उसके हस्ताक्षर करा रखे हैं। घटना के बाद से वह मायके में रह रही है। पंचायत में भी नहीं बनी बात, महिला थाने में शिकायत शिकायत के मुताबिक, 3 मई 2026 को शगुन के मायके में पंचायत हुई। इसमें पति अंकुश, जेठ अवनीश, ननद आयुषी, सास अंजू और ससुर जगमोहन के अलावा विवाहिता के माता-पिता और अन्य रिश्तेदार शामिल हुए। आरोप है कि पंचायत में भी ससुराल पक्ष ने कार और 10 लाख रुपये नकद मिलने पर ही शगुन को साथ रखने की बात कही। साथ ही धमकी दी कि दबाव बनाकर उसे वापस भेजा गया तो जान से मार देंगे। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग वहां से चले गए। शगुन ने कहा कि वह अपना घर बसाना चाहती थी, इसलिए पहले पुलिस में शिकायत नहीं की। लगातार प्रताड़ना और बेटे से अलग किए जाने के बाद उसने 18 मई 2026 को महिला थाने में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें पति अंकुश तायल, जेठ अवनीश तायल, ननद आयुषी तायल, सास अंजू तायल और ससुर जगमोहन तायल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

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