इटावा में इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर 16 लाख की ठगी:लंदन का कारोबारी बनकर महिला को झांसे में लिया, कस्टम के नाम पर 45 दिन में 16 लाख ठगे
इटावा के बकेवर क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। रमऊपुरा गांव की रहने वाली नीतू से इंस्टाग्राम पर संपर्क कर एक आरोपी ने खुद को लंदन का कारोबारी बताया। भारत आने और महिला के लिए सोने के गहने व अमेरिकी डॉलर लाने की बात कही। इसके बाद मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों द्वारा रोके जाने का झांसा देकर टैक्स और दूसरे शुल्क के नाम पर करीब 45 दिनों तक रकम वसूली गई। महिला के मुताबिक, इस दौरान उसने करीब 15 से 16 लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में भेज दिए। 15 अगस्त के आसपास इंस्टाग्राम पर आया कॉल नीतू के मुताबिक, करीब 15 अगस्त के आसपास इंस्टाग्राम पर ‘बिजनेसमैन’ नाम की आईडी से उसके पास कॉल आई थी। बातचीत में आरोपी ने खुद को लंदन का रहने वाला बताया। उसने भारत आने और महिला के लिए सोने के गहने और अमेरिकी डॉलर लाने की बात कही। 20 अगस्त को आरोपी ने नीतू को बताया कि वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंच चुका है, लेकिन कस्टम अधिकारियों ने उसे रोक लिया है। सामान छुड़ाने के लिए टैक्स और अन्य शुल्क जमा कराने की बात कही गई। शुरुआत में महिला से 18 हजार रुपये लिए गए। यह रकम जनसेवा केंद्र के माध्यम से अब्बू ताला नाम के व्यक्ति को भेजी गई। जेल भेजने की धमकी देकर बढ़ाते गए रकम की मांग इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से महिला को कॉल आने लगीं। आरोपी धमकी देते थे कि अगर उनके बताए खातों में रुपये नहीं भेजे तो महिला और उसके परिवार के लोगों को जेल भेज दिया जाएगा। धमकियों से डरी नीतू ने यह बात परिवार से छिपाए रखी। रकम जुटाने के लिए उसने अपने गहने बेच दिए और घर में रखी नकदी भी लगा दी। इसके बाद रिश्तेदारों से अलग-अलग वजह बताकर उधार रुपये लिए और आरोपियों को भेजती रही। 28 सितंबर तक कई बार में भेजे 15-16 लाख महिला के मुताबिक, 28 सितंबर तक बकेवर स्थित स्टेट बैंक, लखना और हनुमंतपुरा चौराहा के जनसेवा केंद्रों के माध्यम से कई बार में करीब 15 से 16 लाख रुपये भेजे गए। यह रकम आरोपियों की ओर से बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। 29 सितंबर को साइबर ठगों ने नीतू से 60 हजार रुपये और मांगे। इसी दौरान परिवार के लोगों ने उसके व्यवहार में बदलाव देखा और पूछताछ की। तब महिला ने परिवार को पूरी बात बताई। बारकोड से एक रुपये ट्रांसफर कर खाते की जानकारी जुटाई परिवार ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की तो आरोपियों की ओर से भेजे गए बारकोड पर एक रुपये ट्रांसफर कर जांच की गई। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक का एक खाता नंबर सामने आया, जो मंतोष कुमार के नाम पर बताया गया। मंगलवार दोपहर 1 बजे नीतू परिवार के साथ इटावा एसएसपी कार्यालय पहुंची और शिकायत की। उसने पुलिस से साइबर ठगों की पहचान कर रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए पीड़िता ने बताया कि सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे ठगी में बदल गई। आरोपियों ने उसे और परिवार को जेल भेजने का डर दिखाकर करीब 45 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और लगातार रुपये लेते रहे। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महिला के प्रार्थना पत्र के आधार पर साइबर सेल और पुलिस टीम को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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