इटावा में NHM संविदा कर्मचारियों का धरना:नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन पर सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
इटावा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार सुबह 11 बजे सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया। तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी शामिल होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्यों में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। संविदा कर्मचारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में एनएचएम के तहत एक लाख से अधिक कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर रहे हैं। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। संगठन ने कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों की भूमिका का हवाला देते हुए अपनी मांगें पूरी करने की मांग की है। संविदा कर्मी डॉक्टर फराज अहमद ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन शामिल है। संगठन का कहना है कि नियमितीकरण होने तक नियमित पद के समान काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन के आधार पर सम्मानजनक वेतन दिया जाए। जिन पदों पर कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और वे पद विभाग में सृजित नहीं हैं, उनके पद सृजित किए जाने की भी मांग की गई है। इसके अलावा कर्मचारियों ने अपने और आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की मांग की है। महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और पद के अनुसार वेतनमान देने, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने तथा पारस्परिक स्थानांतरण की सुविधा देने की मांग भी रखी गई है। संघ ने सेवाकाल के दौरान किसी संविदा कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति या उपयुक्त वैकल्पिक रोजगार देने की नीति बनाने की मांग की है। इसके साथ ही एनएचएम के तहत आउटसोर्स के माध्यम से तैनात एमसीटीएस, आईडीएसपी डाटा ऑपरेटर और कोविड-19 कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग की गई है। नियमित पदों पर होने वाली भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीट का कोटा निर्धारित करने की मांग भी संगठन ने की है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने वाले अनुभवी कर्मचारियों के हित में सरकार को इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। आठ, नौ और 10 अक्टूबर को जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार और कार्यविराम का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद 12 अक्टूबर से प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है।
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