जानें वायरल ‘बाहुबली ट्रक' की पूरी कहानी:15 साल पुराना ट्रक खींच रहा 200 टन से ज्यादा वजन, 308 पहियों का मॉड्यूलर ट्रेलर
वाराणसी और पूर्वांचल के हाईवे पर पिछले तीन-चार दिनों से विशालकाय ‘बाहुबली ट्रक’ लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्रेलर पर बेलनाकार आकार का 200 टन से ज्यादा वजनी वैक्यूम बायलर लदा है। यह विशेष ट्रेलर ओडिशा के पारदीप बंदरगाह से लखीमपुर चीनी मिल के लिए निकला है। ट्रेलर पर दर्ज जानकारी के मुताबिक यह मॉड्यूलर ट्रेलर जर्मनी की भारी परिवहन उपकरण निर्माता कंपनी गोल्डहोफर से जुड़ा है। इसका निर्माण जर्मनी के मेमिंगेन शहर में हुआ है। इस पर लदा वैक्यूम बायलर 200 टन से अधिक वजनी है। इसे बेल्जियम से समुद्र के रास्ते ओडिशा के पारदीप बंदरगाह लाया गया। इसके बाद विशेष ट्रेलर के जरिए सड़क मार्ग से आगे भेजा जा रहा है। इस विशाल ट्रेलर की सबसे बड़ी खासियत इसमें लगे 308 पहिए और हाइड्रोलिक सस्पेंशन हैं। हालांकि जरूरत न पड़ने पर अब केवल 240 पहिये लगाकर चलाया जा रहा है। हाइड्रोलिक सस्पेंशन और पहियों में लगे हाइड्रोलिक सिस्टम की मदद से सड़क की स्थिति के अनुसार ट्रेलर की ऊंचाई और संतुलन को नियंत्रित किया जाता है। इसी के कारण इतने भारी और बड़े आकार के वेसल को ले जाते समय यह असंतुलित नहीं हो रहा है। अंडरपास पर अटका, फिर बदला गया रास्ता
बुधवार सुबह ट्रेलर वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा से आगे बढ़ा। इसके बाद मोहनसराय, राजातालाब और रखौना होते हुए रिंग रोड से आगे गया। शाम करीब साढ़े छह बजे यह बड़ागांव थाना क्षेत्र के कोइराजपुर रिंग रोड अंडरपास के पास पहुंचकर रुक गया। करीब 11 घंटे बाद गुरुवार सुबह 5:30 बजे इसे दोबारा आगे बढ़ाया गया। हरहुआ रिंग रोड चौराहे पर पहुंचने के बाद सामने एक और चुनौती आई। वाराणसी-बाबतपुर फोरलेन पर बने पुल के नीचे से ट्रेलर नहीं निकल सका। इसके बाद चालक को ट्रेलर को विपरीत दिशा में भेलखा तक ले जाना पड़ा। वहां से फोरलेन पार करने के बाद वह फिर विपरीत दिशा में हरहुआ की ओर आया और रिंग रोड फेज-1 से आगे बढ़ा। फुट ओवरब्रिज भी हटाने की नौबत
भारी-भरकम ट्रेलर के रास्ते में आने वाले तारों को बांस के सहारे कर्मचारी उठा दे रहे हैं। हरिहरपुर में स्मृति द्वारा को खोला गया तब जाकर आगे बढ़ा। इसके बाद चांदमारी में बने फुट ओवरब्रिज को भी हटाया जा रहा है, ताकि ट्रेलर आगे निकल सके। इतने बड़े वाहन को रास्ता देने और यातायात को कंट्रोल करने के लिए यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है। 15 साल पुराना है ट्रक, 40 हजार के चालान लंबित
इसे खींच रहा वोल्वो एफएम 420 भी करीब 15 साल पुराना है। उपलब्ध पंजीकरण रिकॉर्ड के अनुसार इसका पंजीकरण 17 नवंबर 2011 को हुआ था। वाहन से जुड़े रिकॉर्ड में बिहार के दो लंबित चालान भी दिखाई देते हैं। दोनों चालान 20-20 हजार रुपए के हैं। एक चालान 13 मार्च 2026 और दूसरा 9 सितंबर 2026 का दर्ज है। खबर लिखे जाने तक दोनों चालान जमा नहीं हुए थे। यह भी बता दें कि वाराणसी से आगे यह ट्रेलर गाजीपुर, गोरखपुर, बस्ती, बलरामपुर और बहराइच होते हुए लखीमपुर खीरी पहुंचेगा। इतने भारी और लंबे वाहन के गुजरने के दौरान रास्ते में पड़ने वाले पुल, अंडरपास, फुट ओवरब्रिज को हटाने व वैकल्पिक रास्ते के चयन के लिए एक टीम पहले ही आगे-आगे चल रही है।
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