जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े नए मुकदमे की जांच शुरू:रामपुर में 85 मुकदमे दर्ज, 16 में फैसला; 8 में सजा
रामपुर में सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों का सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों में 14 अक्टूबर 2026 को नया मुकदमा दर्ज होने के बाद उनके खिलाफ कुल मुकदमों की संख्या 85 बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक 16 मामलों में न्यायालय फैसला सुना चुका है। इनमें आठ मामलों में सजा हुई, जबकि आठ में आजम खां को राहत मिली। शेष मामले न्यायालय में विचाराधीन बताए जा रहे हैं। नए मुकदमे की जांच शुरू टांडा के सीओ पंकज पंत ने शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे बताया कि 14 अक्टूबर को दर्ज मुकदमे की जांच शुरू कर दी गई है। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जमीन कब्जाने से लेकर धोखाधड़ी तक के आरोप जानकारी के मुताबिक, भाजपा सरकार बनने के बाद आजम खां के खिलाफ 84 मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई थी। इन मामलों में जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी, धमकी, भड़काऊ भाषण, चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े आरोप शामिल हैं। नए मुकदमे के बाद कुल संख्या 85 बताई जा रही है। कई चर्चित मामलों में सुनाए जा चुके हैं फैसले 13 फरवरी 2023 को मुरादाबाद की एमपी-एमएलए अदालत ने छजलैट में हाईवे जाम करने के मामले में आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई थी। 18 अक्टूबर 2023 को दो जन्म प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। डूंगरपुर प्रकरण के अलग-अलग मामलों में भी सजा और राहत के फैसले आए। 30 मई 2024 को एक मामले में आजम खां को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। वहीं, 23 मई 2026 को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में उनकी सजा सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी गई थी। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े नए मुकदमे में जांच शुरू होने के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर है।
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