झांसी में आज धर्म का संदेश देंगे मोरारी बापू:सातवें पड़ाव में बारह सौ साथी भी शामिल, विशेष ट्रेन से पहुंच रहे कथाववचक

Oct 16, 2026 - 06:15
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झांसी में आज धर्म का संदेश देंगे मोरारी बापू:सातवें पड़ाव में बारह सौ साथी भी शामिल, विशेष ट्रेन से पहुंच रहे कथाववचक
झांसी में प्रसिद्ध रामकथा वाचक मोरारी बापू की स्वस्तिक यात्रा आज पहुंचेगी। इस यात्रा में मोरारी बापू के साथ करीब 1200 साथी भी शामिल होंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व की इस यात्रा में झांसी को पहले पड़ाव के सातवें डेरे के रूप में शामिल किया गया है। झांसी में प्रवास के बाद मोरारी बापू आज ही मथुरा के लिए रवाना हो जाएंगे। यात्रा के अगले चरण में मथुरा के बाद कुरुक्षेत्र, अटारी बॉर्डर, जम्मू और केदारनाथ जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। बताया गया है कि स्वस्तिक यात्रा का मार्ग जगतगुरु आदि शंकराचार्य की यात्रा से जुड़ी परंपरा के अनुरूप निर्धारित किया गया है। मोरारी बापू इस मार्ग को दो पड़ावों में पूरा करेंगे। यात्रा के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों तक पहुंचने की योजना है। दक्षिण भारत से शुरू हुई यह यात्रा मध्य भारत होते हुए उत्तर भारत के विभिन्न स्थानों तक पहुंचेगी। झांसी में आज होगा यात्रा का सातवां पड़ाव स्वस्तिक यात्रा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मोरारी बापू 16 अक्टूबर को झांसी पहुंचेंगे। उनके साथ लगभग 1200 साथियों के आने की जानकारी है। यात्रा के लिहाज से झांसी को महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में शामिल किया गया है। यहां प्रवास के बाद यात्रा आगे बढ़ेगी और मोरारी बापू मथुरा के लिए रवाना होंगे। झांसी बुंदेलखंड का प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र है। ऐसे में इस यात्रा में शहर का शामिल होना स्थानीय स्तर पर धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय है। हालांकि, झांसी में यात्रा के आगमन का सटीक समय, निर्धारित मार्ग, स्वागत कार्यक्रम और आम लोगों के लिए दर्शन की व्यवस्था के संबंध में अलग से आधिकारिक पुष्टि मिलने पर ही विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी। दक्षिण भारत से शुरू हुई यात्रा, उत्तर भारत तक पहुंचेगी स्वस्तिक यात्रा का कार्यक्रम 11 अक्टूबर से शुरू हुआ। निर्धारित मार्ग में केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के प्रमुख स्थानों के बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू और उत्तराखंड को शामिल किया गया है। यह यात्रा अलग-अलग धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व वाले स्थलों से होकर गुजरेगी। कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा का पहला पड़ाव दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों से शुरू होकर मध्य भारत तक पहुंचा है। इसके बाद झांसी से मथुरा और फिर कुरुक्षेत्र की ओर यात्रा आगे बढ़ेगी। आगे के कार्यक्रम में अटारी बॉर्डर, जम्मू और केदारनाथ भी शामिल हैं। यात्रा के पहले चरण में ये हैं शामिल 11 अक्टूबर: फालड़ी, केरल 12 अक्टूबर: श्रृंगेरी, कर्नाटक 13 अक्टूबर: हम्पी, कर्नाटक 14 अक्टूबर: तुलजापुर, महाराष्ट्र 15 अक्टूबर: ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश 16 अक्टूबर: झांसी, उत्तर प्रदेश 17 अक्टूबर: मथुरा, उत्तर प्रदेश 18 अक्टूबर: कुरुक्षेत्र, हरियाणा 19 अक्टूबर: अटारी बॉर्डर, पंजाब 20 अक्टूबर: श्रीस्पुनाथ मंदिर, जम्मू 23 अक्टूबर: केदारनाथ, उत्तराखंड धार्मिक स्थलों के जरिए आध्यात्मिक यात्रा का संदेश मोरारी बापू देश-विदेश में रामकथा वाचन के लिए जाने जाते हैं। उनकी स्वस्तिक यात्रा में देश के अलग-अलग क्षेत्रों के धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। यात्रा का मार्ग दक्षिण भारत से मध्य भारत और फिर उत्तर भारत तक निर्धारित है। झांसी इस क्रम में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां से यात्रा आगे मथुरा की ओर बढ़ेगी। यात्रा के आगामी चरणों में मथुरा और कुरुक्षेत्र जैसे धार्मिक महत्व वाले स्थानों के साथ अटारी बॉर्डर, जम्मू और केदारनाथ को शामिल किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को केदारनाथ यात्रा का अंतिम सूचीबद्ध पड़ाव होगा।

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