झांसी में होगी मोरारी बापू की रामकथा, तैयारी पूरी:पांच हजार भक्तों के लिए तैयार किया गया पंडाल, स्पेशल ट्रेनों से पहुंच रहे कथावाचक
झांसी में विश्व प्रसिद्ध रामकथा वाचक मोरारी बापू के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को वह पहली बार वीरांगना नगरी पहुंचेंगे। किले की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मेला मैदान पर उनके रामकथा वाचन का आयोजन होगा। कथा में करीब पांच हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए आयोजकों ने मैदान में विशाल पंडाल तैयार कराया है। श्रद्धालुओं के बैठने, खानपान और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है। मोरारी बापू के आगमन को लेकर आयोजकों में उत्साह है। उनके साथ करीब 1200 समर्थकों के भी झांसी पहुंचने की जानकारी दी गई है। चौदह वर्ष की उम्र से श्रीराम कथा का वाचन कर रहे संत मोरारी बापू इन दिनों भारत स्वाभिमान यात्रा पर हैं। 10 अक्टूबर से शुरू हुई इस यात्रा के तहत वह कश्मीर से कन्याकुमारी तक का सफर कर रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, इस यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति की रक्षा, उसके विचारों का प्रचार-प्रसार और लोगों तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेश पहुंचाना है। यात्रा के दौरान देश के विभिन्न स्थानों पर पहुंचने के क्रम में झांसी को भी एक पड़ाव बनाया गया है। यहां मोरारी बापू श्रद्धालुओं के बीच रामकथा का वाचन करेंगे। स्पेशल ट्रेनों से 1200 समर्थकों के साथ पहुंचेंगे कार्यक्रम के आयोजक और राष्ट्रभक्त संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अंचल अड़जरिया ने बताया कि मोरारी बापू शुक्रवार को दो स्पेशल ट्रेन से अपने करीब 1200 समर्थकों के साथ झांसी पहुंचेंगे। उनके आगमन के बाद सुबह 9:30 बजे क्राफ्ट मेला मैदान में बनाए गए पंडाल में रामकथा का वाचन प्रस्तावित है। पहली बार झांसी आ रहे मोरारी बापू की कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों का अनुमान है कि कार्यक्रम में करीब पांच हजार लोग शामिल हो सकते हैं। श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए मैदान में बैठने के लिए बड़े पंडाल की व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर आने वाले भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए खानपान समेत दूसरी आवश्यक सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है। आयोजकों की कोशिश है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु रामकथा में शामिल होकर सहजता से कार्यक्रम का लाभ ले सकें। सनातन संस्कृति के संदेश के साथ निकली है यात्रा अंचल अड़जरिया ने बताया कि भारत स्वाभिमान यात्रा को सनातन संस्कृति के संरक्षण और उसके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उनके अनुसार, जब सनातन संस्कृति के सामने चुनौतियां आईं, तब आदिगुरु शंकराचार्य ने देश में धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए यात्राएं की थीं। इसी परंपरा से प्रेरणा लेकर मोरारी बापू कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा कर रहे हैं। आयोजक ने कहा कि झांसी इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यहां मोरारी बापू के पहुंचने से श्रद्धालुओं को उनकी रामकथा सुनने का अवसर मिलेगा। रामकथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े प्रसंगों को सुनने के लिए भक्तों के जुटने की उम्मीद है। झांसी में पहली बार कथा सुनने का मिलेगा अवसर मोरारी बापू लंबे समय से देश-विदेश में रामकथा का वाचन कर रहे हैं। उनकी कथा में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों के साथ मानवीय मूल्यों, मर्यादा और जीवन में आदर्शों के महत्व पर चर्चा होती है। झांसी में पहली बार उनके आगमन को लेकर आयोजकों ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है। क्राफ्ट मेला मैदान में तैयार किए गए पंडाल में श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में पांच हजार लोगों के पहुंचने के अनुमान के बीच आयोजन स्थल पर सुविधाओं को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जा रहा है। शुक्रवार सुबह होने वाले इस कार्यक्रम में झांसी के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है।
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