झांसी में सपा-कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन:बोले-भाजपा सरकार ज्ञानेश कुमार को जेब में रखकर बैठी है, हम लोकतंत्र की चोरी नहीं होने देंगे

Oct 07, 2026 - 15:06
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झांसी में सपा-कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन:बोले-भाजपा सरकार ज्ञानेश कुमार को जेब में रखकर बैठी है, हम लोकतंत्र की चोरी नहीं होने देंगे
झांसी में मतदाता सूची से अनधिकृत रूप से नाम काटे जाने और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता खत्म करने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव और पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम के नेतृत्व में सैंकड़ों सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मतदाता सूचियों में अनधिकृत तरीके से नाम काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों के मताधिकार का उल्लंघन हो रहा है। चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की नींव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव पर टिकी है। आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से चुनावी सुचिता प्रभावित हो रही है और सत्ता के इशारे पर वोटों की लूट की जा रही है। मतदाताओं को उनके मताधिकार के इस्तेमाल से रोके जाने का भी आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त चुनाव को निष्पक्ष तरीके से कराने में असफल रहे हैं। इसलिए उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव से जुड़ी अनधिकृत गतिविधियों में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पूर्व मंत्री बोले-सुप्रीम कोर्ट ने भी क्राइम माना कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि देशभर के करोड़ों नागरिकों के नाम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इशारे पर काटे गए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने भी इस बात को माना कि लोकतंत्र में लोगों को वोट देने से वंचित करने से बड़ा क्राइम दूसरा नहीं हो सकता, फिर भी सरकार ज्ञानेश कुमार को जेब में रखकर बैठी है। उन्हें न हटाया जा रहा, न मुकदमा किया जा रहा न ही जेल भेजा जा रहा। बोले, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव जैसे नेताओं को पुलिस से रोकने की कोशिश की जा रही है। लेकिन हम सरकार को बता देना चाहते हैं कि अब वह ज्ञानेश कुमार को नहीं बचा पाएंगे। बाहरी हस्तक्षेप रोकने की मांग प्रदर्शनकारियों ने चुनाव के दौरान प्रशासनिक और बाहरी हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना था कि मतदाताओं को भयमुक्त माहौल मिलना चाहिए, ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। ज्ञापन में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष महेश कश्यप समेत सपा के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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