जहरीले पानी से फसलें खराब होने का आरोप:भाकियू ने DM को सौंपा ज्ञापन, 3 दिन में मुआवजा न मिलने पर 9 अक्टूबर से धरने की चेतावनी
उन्नाव। किसानों और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर मंगलवार दोपहर करीब दो बजे भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने फैक्ट्रियों और स्लाटर हाउसों से निकलने वाले अपशिष्ट के कारण प्रदूषण फैलने का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही दूषित पानी से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष किरण सिंह पटेल के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें आरोप लगाया गया कि दही चौकी क्षेत्र के चांदपुर ग्राम सभा में फैक्ट्रियों से छोड़ा जा रहा दूषित और जहरीला पानी खेतों तक पहुंच रहा है। इससे सैकड़ों किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि फसलें पहले अच्छी स्थिति में थीं, लेकिन फैक्ट्रियों के दूषित पानी के कारण खराब हो गईं। किसान नेताओं ने कहा कि लोन नदी में फैक्ट्रियों का जहरीला पानी छोड़े जाने से नदी के साथ आसपास के खेत भी प्रभावित हो रहे हैं। स्लाटर हाउसों का अपशिष्ट खुले में डाले जाने से दुर्गंध और वायु प्रदूषण फैलने का भी आरोप लगाया गया। किसानों ने मांग की कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में सिटी जेल ड्रेन का काला और बदबूदार पानी खटहा-नौगवा के पास गंगा में गिराए जाने का आरोप भी लगाया गया। किसानों के अनुसार इससे आसपास के कई गांवों की कृषि भूमि और फसलें प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने ड्रेन के पानी की जांच कराने और गंगा में प्रदूषित पानी गिरने से रोकने की मांग की। किसान नेताओं ने बिना लाइसेंस मृत पशुओं की हड्डियों से चर्बी निकालने के काम पर रोक लगाने और नहरों व माइनरों से अवैध कब्जे हटाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि इन समस्याओं का असर सीधे किसानों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य व खेती पर पड़ रहा है। किरण सिंह पटेल ने कहा कि संगठन केवल ज्ञापन देने नहीं आया है, बल्कि किसानों की समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराने और समाधान की मांग करने आया है। उन्होंने कहा कि चांदपुर में दूषित पानी से फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया तो 9 अक्टूबर से संबंधित फैक्ट्री के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना और आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से समय रहते समस्या का समाधान कराने की मांग की।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)