जलभराव से परेशान बच्ची ने डीएम से लगाई गुहार:नर्सरी क्लास की बच्ची बोली- स्कूल जाने के लिए जूते उतारकर गंदे पानी से गुजरना पड़ता है
कानपुर के बिठूर गांव की सड़क पर भरा पानी, आने-जाने में परेशानी और स्कूल पहुंचने के लिए जूते उतारने की मजबूरी। यह किसी बड़े व्यक्ति की शिकायत नहीं, बल्कि नर्सरी में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची की पीड़ा है। बिठूर के चिरान हृदयपुर गांव की छात्रा मायरा ने जलभराव की समस्या से परेशान होकर सीधे जिलाधिकारी (डीएम) से गुहार लगाई है। बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह गांव के रास्ते पर जलभराव की समस्या बताते हुए प्रशासन से इसे दूर कराने की अपील कर रही है। मायरा ने अपनी बात रखते हुए बताया कि गांव में रास्ते पर पानी भरा होने के कारण बच्चों को जूते उतारकर स्कूल जाना पड़ता है। जलभराव की वजह से रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है। रोजाना स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को इस परेशानी से जूझना पड़ रहा है। बच्ची ने पानी जमा रहने से बीमारियां फैलने की आशंका भी जताई है। उसकी शिकायत ने गांव में जलनिकासी की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रास्ते पर पानी, बच्चों की पढ़ाई पर असर गांव में जलभराव की समस्या का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। रास्ते में पानी भरा होने से उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में कपड़े और जूते गंदे होने के साथ ही फिसलने और चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। पानी लंबे समय तक जमा रहने पर मच्छरों के पनपने और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि, गांव में किसी बीमारी के फैलने की पुष्टि सामने नहीं आई है। नन्ही उम्र में मायरा ने जिस तरह अपनी समस्या को शब्दों में बयां किया, उससे यह स्पष्ट होता है कि जलभराव उसके लिए रोजमर्रा की बड़ी परेशानी बन चुका है। स्कूल जाने की उम्र में बच्ची को पढ़ाई के साथ रास्ते की दुश्वारियों से भी जूझना पड़ रहा है। व्यवस्था तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए बनवाया वीडियो आमतौर पर गांवों में सड़क, नाली और जलनिकासी की समस्याओं को लेकर ग्रामीण ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से शिकायत करते हैं। लेकिन चिरान हृदयपुर की मासूम छात्रा की गुहार ने इस समस्या को अलग तरीके से सामने ला दिया है। मायरा ने वीडियो के माध्यम से अपनी परेशानी जिलाधिकारी तक पहुंचाने की कोशिश की है। वीडियो वायरल होने के बाद गांव में जलभराव की समस्या चर्चा में आ गई है। बच्ची की अपील ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि जब रास्ते पर जमा पानी के कारण छोटे बच्चों को जूते उतारकर स्कूल जाना पड़ रहा है, तो जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया। अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार गांव में जलभराव से राहत दिलाने के लिए रास्ते से पानी निकालने के साथ ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि समस्या बार-बार पैदा न हो। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर जलभराव के कारणों का पता लगाना होगा और आवश्यक कदम उठाने होंगे। फिलहाल, मायरा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का ध्यान गांव की इस समस्या की ओर गया है। अब ग्रामीणों को जिला प्रशासन की ओर से संज्ञान लिए जाने और समस्या के समाधान की उम्मीद है। मासूम की गुहार का असर कितना होता है और गांव को जलभराव से कब तक राहत मिलती है, यह प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
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