जरूरतमंद महिलाओं-बच्चियों को मुफ्त आयुर्वेदिक इलाज:देवरिया की डॉ. सुगंधी आयुर्वेद को बढ़ावा देने के साथ कर रहीं मदद

Oct 15, 2026 - 14:48
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जरूरतमंद महिलाओं-बच्चियों को मुफ्त आयुर्वेदिक इलाज:देवरिया की डॉ. सुगंधी आयुर्वेद को बढ़ावा देने के साथ कर रहीं मदद
आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के साथ जरूरतमंदों की मदद करने की पहल डॉ. सुगंधी द्विवेदी पिछले कई वर्षों से कर रही हैं। वर्ष 2009 से आयुर्वेद के क्षेत्र में सक्रिय बीएएमएस चिकित्सक डॉ. सुगंधी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को लोगों तक पहुंचाने के साथ आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और बच्चियों की सहायता भी करती हैं। रोजगार से जुड़ रहीं महिलाएं डॉ. सुगंधी अपने दिशा-निर्देशन में करीब एक दर्जन महिला कर्मचारियों के साथ आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार कराने का काम करती हैं। उनका प्रयास इन उत्पादों को अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है। इस पहल से महिलाओं को काम से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। मलिन बस्तियों में नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा उनके सामाजिक प्रयासों में मलिन बस्तियों में रहने वाली गरीब महिलाओं और बच्चियों की मदद करना प्रमुख है। वह इन बस्तियों में पहुंचकर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का आकलन करती हैं और जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक उत्पाद निःशुल्क उपलब्ध कराती हैं। इससे उन परिवारों को राहत मिलती है, जिन्हें आर्थिक कठिनाइयों के कारण स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करने में परेशानी होती है। प्यार से 'दीदी' बुलाते हैं लोग जरूरतमंदों के प्रति सहयोग और अपनत्व के कारण लोग उन्हें प्यार से ‘दीदी’ कहकर बुलाते हैं। डॉ. सुगंधी का प्रयास है कि आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज के कमजोर वर्गों तक भी सहायता पहुंचाई जाए। उनकी यह पहल आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार, महिलाओं को काम से जोड़ने और जरूरतमंदों की सहायता करने की दिशा में प्रयास के रूप में सामने आई है। आयुर्वेद दवा से मिला हमें लाभ… अंग्रेजी दवाओं से राहत, देसी औषधि से इलाज भटवलिया की रमावती देवी जिन्हें सांस की बीमारी थी, अंग्रेजी दवा और पंप से परेशान थीं, जिन्हें गाय के घी से बनी औषधि से तीन माह में सांस की बीमारी से राहत मिली। जो अब अपने रिश्तेदारों को भी लेकर आयुर्वेद की दवा के लिए डॉक्टर से मिलने आई थीं। कॉलेज छात्राओं और ग्रामीणों का अनुभव जिला महिला डिग्री कॉलेज की तीन छात्राएं आई थीं, जिन्हें डॉक्टर ने औषधि दी, उन्होंने बताया कि डॉक्टर साहब मरीज को देखने के दो से तीन दिनों बाद दवा देती हैं। वह पाउडर और काले रंग की गोली देती हैं। हमारे कॉलेज की छात्रा ने बताया था। रामपुर कारखाना के डुमरी गांव की उषा यादव ने बताया कि डॉक्टर साहब की दवा काफी कारगर होती है। पहले वह अंग्रेजी दवा और जांच पर काफी पैसा खर्च कर चुकी हैं, इसके बाद भी कोई विशेष फायदा नहीं हुआ था।

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