कादीपुर में ग्रामीणों ने किया बंदर की तेरहवीं का भोज:पांच साल गांव में रहा, सुंदरकांड पाठ के बाद समाधि पर चढ़ाया भोज
कादीपुर ब्लॉक के तौकलपुर नगरा (महमूदपुर) गांव में ग्रामीणों ने करीब पांच साल तक उनके बीच रहे बंदर की मौत के बाद गुरुवार को तेरहवीं का कार्यक्रम किया। 16 सितंबर को बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने सम्मान के साथ उसे दफनाया था। गुरुवार को उसकी आत्मा की शांति के लिए सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसकी समाधि पर खाना चढ़ाया और बजरंगबली से प्रार्थना की। पांच साल से गांव में रह रहा था बंदर गांव के कांता प्रसाद ने बताया कि बंदर करीब पांच साल से गांव में रह रहा था। वह ग्रामीणों के घरों में आता-जाता था। गांव के लोग भी उसका ख्याल रखते थे। इतने लंबे समय में उसने किसी को परेशान नहीं किया। ग्रामीणों के बीच वह परिवार के सदस्य की तरह रहता था। 16 सितंबर को बंदर की मौत होने के बाद ग्रामीणों ने गांव में ही गड्ढा खोदकर उसे सम्मान के साथ दफनाया था। गुरुवार को ग्रामीणों ने उसकी समाधि पर तेरहवीं का कार्यक्रम रखा। महिलाओं ने तैयार किया भोज, युवाओं ने भी सहयोग किया कार्यक्रम में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बृजकुमार श्रीवास्तव समेत ग्रामीण शामिल हुए। सुंदरकांड पाठ के बाद ग्रामीणों ने बंदर की समाधि पर खाना चढ़ाया। इस दौरान बजरंगबली के जयकारे लगाए गए। तेरहवीं के भोज की तैयारी में गांव की महिलाओं ने पूड़ियां बेलीं। युवाओं ने आटा गूंथने समेत अन्य कामों में सहयोग किया। ग्रामीणों ने अपनी क्षमता के अनुसार कार्यक्रम में दान भी दिया। खाना तैयार होने के बाद उसे समाधि पर चढ़ाया गया। कार्यक्रम में राम विशाल वर्मा, महेंद्र वर्मा, रमेश वर्मा, अतुल वर्मा, राम भवन वर्मा, हरीश कुमार, बखेड़ू और प्रदीप समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों की ओर से किए गए इस कार्यक्रम की आसपास के गांवों में भी चर्चा रही।
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